नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वृंदावन के संत प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की एक तस्‍वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्‍वीर को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। मुख्‍यमंत्री योगी और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात के नाम पर वायरल हो रही तस्‍वीर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाई गई है।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Tiger Anand’ ने 16 अप्रैल 2026 को एक फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “पूज्य प्रेमानंद महाराज जी, एवं मा० मुख्यमंत्री पूज्य श्री MYogiAdityanath जी से भेंट हुई।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने अपनी जांच में सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। यहां सर्च करने पर हमें यह वायरल तस्‍वीर कहीं नहीं मिली। यदि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात हुई होती तो जरूर खबरों में इसका जिक्र होता।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने तस्वीर को गूगल के ‘सिंथआईडी’ डिटेक्टर की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में इस तस्वीर को गूगल एआई की मदद से क्रिएट किया जाना बताया गया। सिंथआईडी, गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए एआई-जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उन्हें पहचानने का एक टूल है। यानी जब भी गूगल का कोई AI टूल कोई तस्वीर बनाता है, तो सिंथआईडी उसमें एक डिजिटल वॉटरमार्क छिपा देता है। यह वॉटरमार्क हमारी आंखों से दिखाई नहीं देता है, लेकिन सिंथआईडी डिटेक्टर इसे पहचान लेता है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने तस्वीर को एआई डिटेक्शन टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ की मदद से सर्च किया। टूल ने 99.9 फीसदी इस तस्वीर के एआई से बने होने की संभावना जताई। इसने इस तस्वीर के ‘Gemini’ से बनाए जाने की अधिकतम संभावना की पुष्टि की।

हमारी जांच से यह स्पष्ट है कि वायरल तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण, मथुरा के संपादकीय प्रभारी विनीत मिश्रा से संपर्क किया और उनके साथ वायरल तस्‍वीर शेयर किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल फोटो फेक है। प्रेमानंद महाराज और योगी आदित्‍यनाथ की कोई मुलाकात नहीं हुई है।

अंत में हमने तस्‍वीर को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की जांच की। यह अकाउंट अगस्‍त 2024 में बनाया गया था। इसे 1.80 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि प्रेमानंद महाराज और मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की भेंट के नाम पर वायरल तस्‍वीर फेक है। यह तस्वीर एआई-निर्मित है।

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