नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के चेयरमैन डॉ. समीर वी कामत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें यह कहते हुए दिखाया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्नि 6 मिसाइल को गोमूत्र से धोने के लिए कहा है। वीडियो में वह यह भी कहते हुए दिख रहे हैं कि वे मिसाइल के पुर्जों को गोमूत्र में भिगोते थे, लेकिन उनमें जंग लगना शुरू हो गया, इसलिए अब वे जंग को रोकने के लिए गाय के गोबर और मूत्र के मिश्रण का उपयोग करते हैं।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि यह वीडियो डीपफेक है और इसे एआई टूल्स की मदद से एडिट करके बनाया गया है। इसे एक ऐसे अकाउंट से भी शेयर कर दुष्प्रचार फैलाया गया है, जो पहले भी कई देश-विरोधी फेक पोस्ट कर चुका है और भारत में प्रतिबंधित है। डीआरडीओ चेयरमैन ने ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Lovely’ ने 1 मई 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “भगवान मोदी ने पहले अग्नि 6 मिसाइल को गौमूत्र से धोने को कहा। जब जंग लगने लगी तो गोबर का इस्तेमाल किया गया। गोमूत्र की जंग लगे दिमाग वाले भारत के वैज्ञानिकों ने देश को तबाह करने का ठेका लिया है। कल को ऐसी गुबरैली मिसाइलें दुनिया भी नहीं खरीदेगी। ऐसी किसी भी एक मिसाइल का नाम नरेंद्र मोदी रखकर टेस्ट किया जाना चाहिए। चली तो ठीक। फिर चौथी फेल महामानव को उसी से स्पेस में भेजा जाए।”
वायरल वीडियो में डॉ. कामत कहते हुए दिख रहे हैं, “हम अग्नि-6 बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हमें विशेष रूप से बताया है कि सभी मिसाइलों को बनाने से पहले पवित्र गोमूत्र से धोया जाना चाहिए। पहले हम मिसाइल के पुर्जों को मूत्र में भिगोते थे, लेकिन उनमें जंग लगना शुरू हो गया। इसलिए अब हम जंग को रोकने के लिए गाय के गोबर और मूत्र के मिश्रण का उपयोग करते हैं। जैसा कि आप जानते हैं, गाय का गोबर एंटी-बैक्टीरियल भी होता है, इसलिए अब हमारी मिसाइल दूषित नहीं है। और मजबूत भारतीय मिसाइल कार्यक्रम के पीछे यही गुप्त सामग्री है।”
एक्स यूजर ‘The Whistle Blower’ (आर्काइव लिंक) ने 30 अप्रैल 2026 को इस वीडियो को समान दावे से शेयर किया है।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड से इस बारे में सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।
वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च करने पर ‘एएनआई’ के एक्स हैंडल पर 30 अप्रैल 2026 को इससे संबंधित वीडियो मिला। इसमें डॉ. कामत के वायरल फ्रेम को भी देखा जा सकता है।
पोस्ट के अनुसार, वीडियो नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 का है। इसमें डॉ. कामत कह रहे हैं, “कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए, ‘प्रलय’ अब परीक्षण के अंतिम चरण में है। वह तैयार होनी चाहिए। फिर हमारे पास अपनी कुछ स्ट्रैटेजिक मिसाइलें हैं, जिन्हें मध्यम दूरी और उच्च श्रेणी के लिए सामरिक उपयोग में परिवर्तित किया जा सकता है। हाइपरसोनिक के संबंध में, हम दो कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं: हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल। हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल वह है, जिसमें स्क्रैमजेट इंजन होता है और यह अपनी उड़ान के दौरान संचालित होती है। हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल एक ऐसी मिसाइल है, जो इसे शुरुआती वेलोसिटी देने के लिए बूस्टर का उपयोग करती है और फिर यह बिना किसी पावर के ग्लाइड करती है। ग्लाइड मिसाइल पहले आएगी, हम जल्द ही इसका पहला परीक्षण करेंगे, और यह क्रूज मिसाइल की तुलना में अधिक उन्नत चरण में है। क्रूज मिसाइल कार्यक्रम को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि, हम उन विभिन्न तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जो क्रूज मिसाइल में इस्तेमाल की जाएंगी। हाल ही में हमने 1000 सेकंड से अधिक समय तक स्क्रैमजेट प्रोपल्शन का परीक्षण किया है। तो यह एक बड़ी उपलब्धि रही है और एक बार कार्यक्रम स्वीकृत हो जाने के बाद, हम स्क्रैमजेट प्रोपल्शन को एक कार्यशील मिसाइल प्रणाली में बदल देंगे और मुझे लगता है कि मंजूरी के बाद इसमें लगभग पांच साल लगेंगे।”
(वीडियो के ट्रांसक्रिप्शन के लिए गूगल जेमिनी एआई का इस्तेमाल किया गया है, जिसे बाद में हमने चेक भी किया है।)
इसमें कहीं भी डॉ. कामत का वायरल बयान नहीं है।
वायरल वीडियो के 0:13 सेकंड और एएनआई के 1:31 मिनट के फ्रेम एक ही हैं।

इससे साफ होता है कि वायरल वीडियो फेक है। इसके बाद हमने वीडियो में एआई से छेड़छाड़ की संभावना को देखते हुए इसे एआई डिटेक्शन टूल ‘aurigin’ से चेक किया। इसमें 88 फीसदी एआई निर्मित होने की संभावना जताई गई।

हमने इसकी पुष्टि के लिए अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ ‘हिया’ की एनालिसिस शेयर की। इसमें ऑडियो में एआई टूल से छेड़छाड़ की संभावना जताई गई।

इससे पता चलता है कि वीडियो को एआई टूल से एडिट किया गया है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने 1 मई 2026 को इस वीडियो को डिजिटली ऑल्टर्ड बताते हुए कहा कि डॉ. कामत ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
क्या है संदर्भ?
‘टाइम्स नाउ नवभारत’ की वेबसाइट पर 30 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “डॉ. कामत ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिट 2.0 में अग्नि 6 बैलिस्टिक मिसाइल के विकास को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से मंजूरी मिलते ही वे इस पर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।”

इसके बाद हमने वीडियो को शेयर करने वाले एक्य यूजर ‘Lovely’ की प्रोफाइल को चेक किया तो पता चला कि एक खास विचारधारा से प्रभावित यह यूजर सितंबर 2021 से एक्स पर सक्रिय है और उसके करीब 25 हजार फॉलोअर्स हैं।
वहीं, एक्स यूजर ‘The Whistle Blower’ ने इस पोस्ट को यूजर ‘Lovely’ से पहले शेयर किया था। ‘The Whistle Blower’ के अकाउंट की लोकेशन साउथ एशिया मिली और यह अकाउंट सितंबर 2023 से सक्रिय है। इस अकाउंट से पहले भी भारत की छवि खराब करने वाली कई फेक पोस्ट की गई हैं।

हालांकि, एक्स पर दी गई जानकारी के अनुसार, जिस देश या क्षेत्र में यह अकाउंट है, उस पर हाल की यात्रा या कुछ समय के लिए दूसरी जगह जाने का असर पड़ सकता है। यह डेटा सही नहीं हो सकता है और समय-समय पर बदल सकता है।
भारत में इस अकाउंट पर रोक लगी हुई है। हमने वीपीएन एक्सप्रेस की मदद से इसे चेक किया है।
निष्कर्ष: डीआरडीओ चेयरमैन डॉ. समीर वी कामत ने अग्नि 6 मिसाइल को गोमूत्र से धोने वाली बात नहीं की है। वायरल वीडियो डीपफेक है।
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