नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रदर्शन के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने महाराष्ट्र के पुणे में भी देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसी बीच अब सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस तस्वीर को सच मानकर वायरल कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इस तस्वीर की जांच की। यह फर्जी निकली। पीएम मोदी से मुलाकात की अभिजीत दिपके की तस्वीर एआई-निर्मित साबित हुई। इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
क्या हो रहा है वायरल ?
एक्स यूजर ‘subhash Kumar sharma’ ने 8 जून 2026 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, ये है काकरोच का असली चेहरा.. बाकी आप सब समझदार है….परधान का इस्तिफा का भीख मांग रहे थे जंतर मंतर पर….मिला कि नही…
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वायरल फोटो को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल तस्वीर से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से भी सर्च किया, लेकिन हमें दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।
हमने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दिपके के आधिकारिक एक्स अकाउंट को भी खंगाला। हमें वहां भी दावे से जुड़ी कोई पोस्ट नहीं मिली। ऐसे में हमें फोटो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने फोटो को एआई टूल्स की मदद से डिटेक्ट करना शुरू किया। हमने ‘Hive Moderation’ का इस्तेमाल किया और इस टूल ने फोटो के एआई से बने होने की करीब 99 फीसदी संभावना जताई। टूल ने तस्वीर के जीपीटी से बने होने के संकेत दिए हैं।

हमने एक अन्य टूल ‘साइट इंजन’ की मदद से भी फोटो को सर्च किया। साइट इंजन के एनालिसिस में 99 फीसदी तक तस्वीर के एआई से बने होने के संकेत सामने आए। साइट इंजन ने भी इस तस्वीर के जीपीटी से ही बने होने की संभावना जताई है।

तस्वीर को ‘image whisperer’ टूल की मदद से भी सर्च किया गया। इस टूल ने भी फोटो के एआई से बने होने की संभावना जताई। मौजूद जानकारी के मुताबिक, नौ में से चार एआई डिटेक्टर्स ने इस फोटो के एआई से बने होने की पुष्टि की ।

अधिक जानकारी के लिए हमने बीजेपी प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री से संपर्क किया। उन्होंने दावे को गलत और वायरल फोटो को एआई-निर्मित बताया है। उनका कहना है कि पीएम की छवि खराब करने के लिए इस तस्वीर को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है संदर्भ?
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने युवाओं पर कथित तौर पर एक टिप्पणी करते हुए उनकी तुलना ‘कॉकरोच’ से की थी। इसी टिप्पणी के बाद व्यंग्यात्मक अभियान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरूआत हुई थी। हालांकि, उन्होंने बाद में स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उन्होंने सभी युवाओं के लिए ऐसा नहीं कहा था। उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने 6 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन किया था। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की थी। पूरी रिपोर्ट को यहां, यहां और यहां पर पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 11 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद की लोकेशन दिल्ली दी हुई है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि पीएम मोदी और सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके की मुलाकात की वायरल तस्वीर को लेकर किया जा रहा दावा फेक है। यह तस्वीर असली नहीं, बल्कि इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
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