<strong><em>सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।</em></strong>

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद में पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया था। इसी संदर्भ से सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो को वायरल किया जा रहा है, जिसमें एक ‘मौलाना’ को पुलिस की पिटाई की आपबीती सुनाते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है यह वीडियो उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई से संबंधित है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति पुलिस की पिटाई की आपबीती बयां कर रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायल हो रहा वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि बिहार का है। पीड़ित व्यक्ति बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को अपनी आपबीती सुना रहे थे। कई महीने पुराने इस वीडियो को उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई लाठीचार्ज से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘arveerma7549’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “फरियाद सुनाता @#$% योगी है तो ये उसी तरह से कायदे में रहेंगे।”

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट।

कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो के आधार पर सर्च करने पर हमें कई पुरानी न्यूज रिपोर्ट्स मिली, जिसमें इस घटना का जिक्र है। एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, “तेजस्वी यादव ने बिहार में कानून-व्यवस्था पर नीतीश सरकार की आलोचना की है। उन्होंने बेनीपट्टी की घटना का हवाला देते हुए कहा कि एक मौलाना की पिटाई डीएसपी ने पुलिस वालों के साथ मिलकर की है। तेजस्वी ने कहा कि अगर डीएसपी पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी।”

रिपोर्ट में नजर आ रहे मौलाना वहीं है, जो वायरल वीडियो में नजर आ रहे हैं। जागरण.कॉम की तीन फरवरी की रिपोर्ट के मुताबिक, “29 जनवरी को वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा मौलाना मोहम्मद फिरोज की बर्बरता से पिटाई का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में डीएसपी मुख्यालय की जांच रिपोर्ट के बाद एसपी ने कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस कर्मी और दो चौकीदार को निलंबित कर दिया है। थानाध्यक्ष प्रशिक्षु डीएसपी को पद से हटाया गया है।”

हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में हुई घटना का है।वायरल दावे को लेकर हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण, पटना के स्थानीय संपादक अश्विनी सिंह से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “यह फरवरी महीने में हुई घटना है।”

कई अन्य रिपोर्ट्स में भी इस घटना का समान संदर्भ में जिक्र है।

बरेली में क्या हुआ था?

जागरण.कॉम की दो अक्तूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, “उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद में पुलिस को लाठीचार्ज  करना पड़ा था और इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया था।”

बीबीसी.कॉम की 26 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, “उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गया.’आई लव मोहम्मद’ के प्लेकार्ड लेकर आला हज़रात दरगाह और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल प्रमुख मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान की अपील पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. प्रशासन का कहना है कि इसकी अनुमति नहीं दी गई थी. भीड़ शहर के खलील तिराहे से इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान की ओर बढ़ी तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की और पथराव, झड़प और लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं.पुलिस के मुताबिक़ इस दौरान फायरिंग भी हुई और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए.”

वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को इंस्टाग्राम पर करीब ढ़ाई हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: बिहार के मधुबनी जिले में फरवरी महीने में पुलिस द्वारा मौलाना की पिटाई के मामले को उत्तर प्रदेश के बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद का बताकर शेयर किया जा रहा है।

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