नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के मंच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ओवैसी को मंच से उतरते हुए देखा जा सकता है। वहीं, तभी एक लड़की मंच पर चढ़कर कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर देती है।
नारे लगाते ही मंच पर हड़कंप मच जाता है और ओवैसी लड़की से माइक लेने और उसे नीचे उतरने के लिए कहते हैं। अब इसी वीडियो को हालिया बताते हुए ओवैसी पर निशाना साधकर शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो साल 2020 का है। नागरिकता (संशोधन) कानून के विरोध में आयोजित ओवैसी की रैली में मंच पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा अमूल्या लियोना नाम की छात्रा ने लगाया था, जिसका विरोध ओवैसी ने भी किया था। वहीं, इस मामले के बाद अमूल्या लियोना के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
इंस्टाग्राम यूजर हरी सरोज’ ने 4 अक्टूबर ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “ओवैसी के मंच पर लगी पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स निकाले और गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च किए जाने पर हमें दैनिक जागरण की 21 फरवरी 2020 को छपी खबर मिली। खबर में दी गई जानकारी के मुताबिक, “कर्नाटक के बेंगलुरु में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी एक रैली को संबोधित करने जा रहे थे, तभी एक लड़की उनके मंच पर पहुंची और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगी। इस दौरान असदुद्दीन ओवैसी भी मंच पर मौजूद थे और उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद लड़की से माइक छीन लिया गया, लेकिन फिर भी वह पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाती रही। लिहाजा आयोजकों ने तुरंत पुलिस को बुलाया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी लड़की को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। प्रदर्शनकारी लड़की की पहचान अमूल्या लियोना के रूप में हुई।
द हिन्दू की 21 फरवरी 2020 की खबर में बताया गया, “नागरिकता संशोधन कानून” के खिलाफ आयोजित एक प्रदर्शन में उस समय हंगामा मच गया, जब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में मंच पर बोलने आई एक छात्रा ने अचानक “पाकिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगा दिए। छात्रा को गिरफ्तार कर उस पर देशद्रोह का मुकदमा कर लिया गया है।
इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें इस मामले से जुड़ी खबर 21 फरवरी 2020 को आजतक की वेबसाइट पर मिली। दी गई जानकारी के अनुसार, अमूल्या लियोना के विवादित नारों को सुनकर ना सिर्फ राजनीति सुलग रही है, बल्कि खुद उसके पिता ने बेटी के बयानों से पल्ला झाड़ लिया है। चिक्कमंगलुरु में पिता JDS के नेता हैं, लेकिन कहते हैं कि बेटी के बयान से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

न्यूज सर्च किए जाने पर हमें न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 20 जुलाई 2020 की खबर के अनुसार, कर्नाटक हाईकोर्ट ने अधिवक्ता एच.एल. विषाला रघु की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अमूल्या लियोना के देशद्रोह मामले की जांच एनआईए को सौंपने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि यह मामला एनआईए जांच योग्य नहीं है। अमूल्या को फरवरी 2020 में सीएए विरोधी रैली में “पाकिस्तान जिंदाबाद” नारा लगाने पर गिरफ्तार किया गया था और जून में जमानत मिली थी।
वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने कर्नाटक के सीनियर पत्रकार यासिर मुश्ताक से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो कई साल पुराना है, इस मामले को उन्होंने खुद कवर किया था। मुश्ताक ने हमें अमूल्या के हवाले से बताया, “उसका किसी पार्टी से संबंध नहीं था, वह कुछ सोशल ग्रुप्स के साथ जुड़ी हुई थी।”
अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर ‘हरी सरोज’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 381 लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि 2020 में बेंगलुरु में हुई एक सभा के दौरान अमूल्या लियोना नाम की छात्रा द्वारा पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाने का जिसका विरोध ओवैसी ने भी किया था। पुराने वीडियो को फर्जी दावे के साथ फैलाया जा रहा है।
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