नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर रोक लगा दी है। यूजीसी के नए नियमों से जोड़कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक कथित बयान वायरल हो रहा है। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सीएम योगी ने इसको लेकर कहा है कि इन नियमों का विरोध वही लोग कर रहे हैं जो जातिवाद भेदभाव करते हैं, जो लोग ऐसा नहीं करते हैं उन्हें किस बात का डर है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। सीएम योगी ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। फर्जी बयान को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Adv Sahewag Passi’ ने 6 फरवरी 2026 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “UGC का विरोध वही लोग कर रहे हैं। जो जातिवाद भेदभाव करते हैं। जब आप लोग जातिवाद भेदभाव नहीं करते हैं। तो डर किस बात का…. योगी आदित्यनाथ सीएम, यूपी।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। अगर सीएम योगी ने यूजीसी को लेकर इस तरह का कोई बयान दिया होता, तो उससे जुड़ी कोई न कोई न्यूज रिपोर्ट जरूर मौजूद होती।

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए सीएम योगी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी खंगाला, लेकिन हमें दावे से जुड़ी कोई पोस्ट वहां पर नहीं मिली। 

वायरल ग्राफिक में नवभारत टाइम्स का लोगो लगा हुआ है। ऐसे में हमने नवभारत टाइम्स के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया। हमें असली ग्राफिक 26 जनवरी 2026 को नवभारत टाइम्स के फेसबुक पेज पर शेयर किया हुआ मिला। कैप्शन में लिखा है, “गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘संविधान से ऊपर कोई भी नहीं’।”

दोनों के बीच के अंतर को नीचे देखा जा सकता है।

यूपी तक की वेबसाइट पर 27 जनवरी 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “जातिवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान सामने आया है। सीएम योगी ने जातिवाद का नाम लेकर बड़ी बात कही है। गोरखपुर में रेल उपरिगामी सेतु और 4 लेन मार्ग पर फ्लाईओवर के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, जब भी विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, ये परिवारवादी-जातिवादी ताकतें फिर सिर उठाकर अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश करेंगी। सीएम योगी ने आगे कहा, उनके आका भी उनको पीछे से धकेलते होंगे। कहते होंगे कि पैसा लिए हो तो कुछ तो उपद्रव करो। मगर उन्हें मालूम है कि यूपी सरकार उपद्रवियों के साथ कैसा व्यवहार करती है। अब यूपी उपद्रव प्रदेश नहीं, बल्कि उत्सव प्रदेश है।”

अधिक जानकारी के लिए हमने यूपी बीजेपी प्रवक्ता अवनीश त्यागी से संपर्क किया। उन्होंने बयान को फर्जी बताया है।

अंत में हमने फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर के फेसबुक अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर ने बायो में खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है। यूजर को 43 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यूजीसी के समर्थन में सीएम योगी के नाम से वायरल हो रहा बयान फेक है। सीएम योगी ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। फर्जी बयान को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

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