नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी के अनुरोध पर 25 फरवरी 2026 के संबोधन में नेतन्याहू ने अफगानिस्तान के लिए एक विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो डीपफेक है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अफगानिस्तान या तालिबान को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Girjesh Sharma‘ ने 28 फरवरी 2026 को इस वीडियो को शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा है, “PM नेतन्याहू ने PM मोदी की रिक्वेस्ट मानते हुए अफ़गानिस्तान के लिए मदद का ऐलान किया! आने वाले दिन दिलचस्प होंगे, खासकर पाकिस्तान के लिए!!”
वीडियो में नेतन्याहू को अंग्रेजी में कहते हुए सुना जा सकता है, “मैं अपने प्रिय मित्र प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रेखांकित अफगानिस्तान की दुर्दशा को समझता हूं… हम माननीय प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर अफगानिस्तान के लिए एक विशेष सहायता पैकेज की घोषणा करेंगे।”

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड्स के जरिए खोजा। हमें ऐसी कोई भी विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय या भारतीय मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली, जो नेतन्याहू द्वारा अफगानिस्तान के लिए किसी सहायता पैकेज की घोषणा की पुष्टि करती हो।
इसके बाद, हमने इजरायली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू के 25 फरवरी 2026 को दिए गए भाषण की पूरी ट्रांसक्रिप्ट की जांच की। यह संबोधन पीएम मोदी के सम्मान में आयोजित इजरायली संसद नेसेट (Knesset) के एक विशेष सत्र के दौरान दिया गया था। ट्रांसक्रिप्ट को जांचने पर पता चला कि नेतन्याहू ने भारत-इजरायल संबंधों, आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई और तकनीकी सहयोग पर बात की थी। पूरे भाषण में ‘अफ़गानिस्तान’, ‘तालिबान’ या किसी ‘विशेष सहायता पैकेज’ का कोई उल्लेख नहीं है।
हमने ‘DRM News’ यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध नेतन्याहू के 25 फरवरी के पूरे वीडियो संबोधन को भी देखा। यह चैनल संसद और महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजनों की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए जाना जाता है। इस वीडियो की जांच में भी पाया गया कि वायरल हो रहा वीडियो क्लिप मूल वीडियो का हिस्सा नहीं हैं।
वीडियो की सत्यता जांचने के लिए हमने कई एआई डिटेक्टर टूल्स का सहारा लिया।
‘Truth Scan’ टूल ने वीडियो में इस्तेमाल किए गए ऑडियो को 99% एआई-जनरेटेड बताया।

‘DeepFake-O-Meter’ (Buffalo University) के तीन मॉडल्स ने भी वीडियो के 90% से अधिक एआई-निर्मित होने की पुष्टि की।

‘AuRigin AI’ टूल ने भी ऑडियो के एआई-जनरेटेड होने की पुष्टि की, जिससे साफ हुआ कि नेतन्याहू की आवाज को क्लोन किया गया है।
विश्वास न्यूज ने एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो का विश्लेषण करने के बाद बताया कि इसमें होठों की हलचल (Lip-sync) और आवाज के बीच तकनीकी विसंगतियां हैं, जो केवल डीपफेक वीडियो में ही देखी जाती हैं।
फर्जी वीडियो पोस्ट करने वाले फेसबुक यूजर गिरजेश शर्मा के 11,000 फॉलोअर्स हैं।
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