नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पावर प्लांट में हुए ब्लास्ट का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह इजरायल के हाइफा पावर प्लांट पर हुए हमले का है, जिसे ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल से उड़ा दिया है।

विश्वास न्यूज की जांच में वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल वीडियो पिछले 11 साल से इंटरनेट पर मौजूद है और इसे पहले भी कई गलत दावों के साथ शेयर किया जा चुका है। साल 2015 में इसे चीन के एक केमिकल प्लांट में लगी आग का बताकर शेयर किया गया था। इस पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ एक बार फिर शेयर किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल?

एक्स यूजर ‘Shoaib’ ने 29 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “इजरायल के एनर्जी मिनिस्टर Eli Cohen इस हमले के बाद बौखला गया। ईरान ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल से हैफा पावर प्लांट को ही उड़ा दिया। 828MW के इस बिजली प्लांट के उड़ जाने से, आधा इजरायल अंधेरे में जी रहा है।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाी जानने के लिए हमने इसके कीफ्रेम निकाल कर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया। हमें वीडियो ‘ला वोज डी रोसारिया’ और ‘जॉर्ज टियो’ नाम के फेसबुक अकाउंट पर 2017 और 2019 में अपलोड किया हुआ मिला। कैप्शन में इस वीडियो को वेनेजुएला और सिंगापुर का बताया गया है। 

इस बार हमने पड़ताल को और आगे बढ़ाया तो हमें इस वीडियो का एक लंबा वर्जन ‘Ahmed Treiban’ नामक यूट्यूब चैनल पर 19 नवंबर 2015 को शेयर किया हुआ  मिला। पोस्ट की हेडिंग में मौजूद जानकारी के अनुसार, वीडियो चीन के एक केमिकल प्लांट में लगी आग का है। 

इस जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें सिचुआन फायर डिपार्टमेंट की ओर से चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Weibo’ पर की गई एक पोस्ट मिली। पोस्ट को 13 नवंबर 2015 को शेयर किया गया था। पोस्ट के मुताबिक, सिचुआन फायर डिपार्टमेंट ने 12 नवंबर 2015 को अनोखे तरीके से आग बुझाने की एक मॉक ड्रिल की थी।

हमारी पड़ताल से यह साफ होता है कि वीडियो साल 2015 से इंटरनेट पर मौजूद है और इसका 28 फरवरी 2026 से चल रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं कि यह वीडियो कितना पुराना है और कब का है? 

अधिक जानकारी के लिए हमने इजरायल की फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो इजरायल का नहीं है।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर पहले भी वायरल हो चुका है। हमने इसकी पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। 

क्या है संदर्भ?

‘Times of Israel’ की वेबसाइट पर 30 मार्च 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “इजराइल की फायर एवं बचाव सेवा के अनुसार, “हाइफा शहर के उत्तर में बाजान तेल रिफाइनरी में एक इमारत और ईंधन टैंकर पर मिसाइल से हमला हुआ था। इस हमले के बाद यह स्पष्ट नहीं हुआ था कि मिसाइल ईरान से दागी गई थी या लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादियों की ओर से हमला किया गया था। इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं थी।”

अंत में हमने वीडियो को गलत जानकारी के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को तीन हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर सितंबर 2014 से एक्स पर सक्रिय है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में पाया गया कि प्लांट में ब्लास्ट के वायरल वीडियो का अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध से कोई संबंध नहीं है। असल में वायरल वीडियो पिछले 11 साल से इंटरनेट पर मौजूद है और इसे कई गलत दावों के साथ पहले भी शेयर किया जा चुका है। 

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