नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को लेकर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए सुना जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार की नाकाम नीतियों के चलते, तालिबान सरकार को भारत सिर्फ पैसा भेजने के अलावा और कुछ नहीं कर रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। तालिबान को लेकर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना करता जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह वीडियो डीपफेक है। ओरिजिनल वीडियो में जनरल द्विवेदी ने यह कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और अगर जरूरत पड़ती है तो भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही, जिस एक्स अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया गया है, उससे पहले भी भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों के एआई मैनिपुलेटेड वीडियो शेयर किए जाते रहे हैं।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘XaQil’ ने 31 मई 2026 को वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) शेयर करते हुए लिखा, “Due to failed policies of Central Government, India is doing nothing except sending Money to Taliban government. How can money alone do everything?” — Army Chief General Upendra Dwivedi.

(“केंद्र सरकार की नाकाम नीतियों के चलते, तालिबान सरकार को सिर्फ पैसा भेजने के अलावा भारत और कुछ नहीं कर रहा है। भला सिर्फ पैसे से सब कुछ कैसे हो सकता है?”- आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी)

पड़ताल

वायरल वीडियो में उपेंद्र द्विवेदी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, ”While we are pushing Operation Sindoor, Pakistan is doing Operation Tandoor in Afghanistan. Due to failed policies of Central Government, India is doing nothing except sending money to Taliban Government. How can money alone do everything? Central Government will have to leave this policy and give proper ideological direction and training to Afghan Taliban and they can become the biggest assets of India. Afghan Taliban can not only fight Pakistan but can wreak havoc in Iran. This will make India gain diplomatic superiority in front of United States and Israel.”

(हिंदी अनुवाद, “…जबकि हम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आगे बढ़ा रहे हैं, अफगानिस्तान में पाकिस्तान ‘ऑपरेशन तंदूर’ चला रहा है। केंद्र सरकार की नाकाम नीतियों के कारण, तालिबान सरकार को पैसा भेजने के अलावा भारत और कुछ नहीं कर रहा है। भला सिर्फ पैसे से सब कुछ कैसे हो सकता है? केंद्र सरकार को इस नीति को छोड़ना होगा और अफगान तालिबान को एक उचित वैचारिक दिशा और प्रशिक्षण देना होगा, जिससे वे भारत की सबसे बड़ी ताकत बन सकें। अफगान तालिबान न केवल पाकिस्तान से लड़ सकते हैं, बल्कि ईरान में भी भारी तबाही मचा सकते हैं। इससे भारत, अमेरिका और इज़राइल के सामने कूटनीतिक श्रेष्ठता हासिल कर सकेगा।”)

वायरल वीडियो में किए गए दावे की सत्यता के लिए हमने इसके मूल वीडियो को ढूंढा। वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ओरिजिनल वीडियो न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ के आधिकारिक एक्स हैंडल पर मिला, जिसे 30 मई 2026 को पोस्ट किया गया था।

वीडियो में एक पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी कहते हैं, “जहां तक ऑपरेशन सिंदूर का सवाल है, यह अभी भी जारी है। लड़ाई कुछ समय के लिए रुकी है। अगर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 होता है, तो भारतीय सेना और तीनों सेनाएं इसके लिए अच्छी तैयारी कर रही हैं। अभी, हम तीनों सेनाओं के बीच आपसी सहयोग और समन्वय बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं और अगली लड़ाई के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं… 24×7, लड़ाई का मैदान इतना खुला है कि हर हरकत दूसरी तरफ को पता होती है, इसलिए हमें अपनी तैनाती, काम और बॉर्डर एरिया में अपने सैनिकों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी सुरक्षा के मामले में बहुत सावधान रहना होगा।”

अन्य न्यूज रिपोर्ट्स में भी जनरल द्विवेदी के इस बयान का जिक्र है।

‘नवभारत टाइम्स’ की 30 मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) ने अपने कैडेटों के 150वें बैच की पासिंग-आउट परेड का आयोजन किया, जिसमें सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस दौरान उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सशस्त्र बल ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

इस वीडियो क्लिप में उन्हें कहीं भी तालिबान को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर टिप्पणी करते हुए नहीं सुना जा सकता है। इससे वीडियो के मैनिपुलेटेड होने का संदेह होता है।

वीडियो में एआई मैनिपुलेशन की संभावना की जांच के लिए हमने इसे डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक किया। ‘यूबी मीडिया फोरेंसिक लैब’ के ‘डीपफेक-ओ-मीटर’ के 11 डिटेक्टर्स में से 8 ने इस मल्टीमीडिया में एआई मैनिपुलेशन की सर्वाधिक संभावना की पुष्टि की। ‘AVSRDD’ (2025) डिटेक्टर ने 100 फीसदी, ‘TALL’ डिटेक्टर ने 99.8 फीसदी, ‘LIPINC’ डिटेक्टर ने 99.7 फीसदी, ‘XCLIP’ ने 99.7 फीसदी, ‘DSP-FWA’ डिटेक्टर ने 98.9 फीसदी, ‘SBI’ ने 91 फीसदी और ‘WAV2LIP-STA’ ने 70.2 फीसदी एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि की।

इनविड के मेवर डीपफेक वीडियो डिटेक्टर ने भी इस वीडियो में एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि की। मेवर डीपफेक वीडियो डिटेक्टर यह ट्रैक करता है कि वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति के चेहरे को बदला गया है या नहीं।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने इस वीडियो के ऑडियो को भी डीपफेक डिटेक्टर की मदद से चेक किया। हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो एआई मैनिपुलेटेड है। यूबी मीडिया फोरेंसिक लैब के डीपफेक-ओ-मीटर के चार डिटेक्टर्स के ऑडियो एनालिसिस इस ऑडियो के एआई मैनिपुलेटेड होने की संभावना की पुष्टि करते हैं।

‘RawNet2-Vocoder’ ऑडियो डिटेक्टर 100 फीसदी, ‘RawNet3’ 85.6 फीसदी, ‘RawNet2’ 78.9 फीसदी और ‘AASIST’ ऑडियो डिटेक्टर ने 61.3 फीसदी के स्कोर के साथ इस ऑडियो के एआई मैनिपुलेटेड होने की संभावना जताई।

हमने इस वीडियो को लेकर ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ हिया ऑडियो इंटेलिजेंस की एनालिसिस को शेयर किया, जिसमें वायरल वीडियो के ऑडियो के एआई मैनिपुलेटेड होने की संभावना की पुष्टि होती है।

हिया ऑडयो इंटेलिजेंस की एनालिसिस।

हमारी पड़ताल से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा वीडियो डीपफेक है, जिसमें जनरल उपेंद्र द्विवेदी की आवाज वाले ऑडियो क्लोन को जोड़कर प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है। भारत के रक्षा मंत्रालय ने भी इस वीडियो को डीपफेक बताते हुए इसमें किए गए दावे का खंडन किया है।

विश्वास न्यूज ने इस यूजर की पृष्ठभूमि को चेक किया और पाया कि इस हैंडल से पहले भी भारतीय सेना के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के डीपफेक वीडियो साझा किए जाते रहे हैं। दिसंबर 2022 से सक्रिय इस प्रोफाइल ने कुल नौ बार अपने यूजरनेम में बदलाव किए हैं। इसमें अगस्त 2025 में आखिरी बार बदलाव किया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे ही अन्य डीपफेक मल्टीमीडिया की फैक्च चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के एआई चेक सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार को लेकर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना करता सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का वीडियो डीपफेक है। जनरल द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के एक कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा था कि यदि आवश्यकता पड़ी तो भारतीय सेना ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके इसी कार्यक्रम के वीडियो को एआई के जरिए मैनिपुलेट कर फेक दावा किया जा रहा है। 

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