नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो फेसबुक रील के जरिए वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि कलयुग में बेटे पिता की सेवा नहीं कर सके और उन्हें जिंदा ही श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। और यह मामला हलिया दिनों में सामने आया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। यह वीडियो दिल्ली का 2021 का उस वक्त का है, जब एक बुजुर्ग को मुखाग्नि  देने के लिए श्मशान  लाया गया, लेकिन वहां पहुँचने पर जब बुजुर्ग की सांसें  चलने लगी, तो  फिर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह मामला ‘कलयुग’ या पिता की सेवा न करने से जुड़ा नहीं है, बल्कि एक बुजुर्ग को गलती से मृत घोषित किए जाने का है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक यूजर जियाउर्रहमान ने 18 दिसंबर को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “घोर कलयुग पिता की सेवा नहीं कर सके तो जिंदा ही ले गए श्मशान घाट।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो डेली पोस्ट नाम की एक न्यूज वेबसाइट पर इस मामले से जुड़ी खबर दिसंबर 2021 को छपी मिली। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में एक बुजुर्ग व्यक्ति को मरा हुआ समझकर उसके परिवार वाले उसे अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए, लेकिन अंतिम संस्कार से ठीक पहले बुजुर्ग व्यक्ति को होश आ गया। बुजुर्ग व्यक्ति के होश में आने के बाद हंगामा हो गया।

न्यूज सर्च किए जाने पर हमें इस मामले से जुड़े कई आर्टिकल मिले। 27 दिसंबर की एबीपी लाइव की खबर के अनुसार, ”दिल्ली के नरेला से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अंतिम संस्कार के दौरान बुजुर्ग अचानक से जीवित हो गया और सांस लेने लगा। बताया जा रहा है कि टिकरी खुर्द गांव के रहने वाले 62 वर्षीय सतीश भारद्वाज की रविवार सुबह मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार के लिए परिजन ‘शव’ श्मशान घाट लेकर पहुंचे तो करीब दोपहर 3:00 बजे सतीश की सांसें चलने लगीं। यहां तक कि उन्होंने अपनी आंखें खोल ली। परिवार वालों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग कैंसर की बीमारी से पीड़ित हैं और उनका काफी समय से अस्पताल में इलाज चल रहा था। अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन जैसे ही उन्हें वेंटिलेटर से हटाया गया, उनकी सांसें रुक गईं।”

”परिजनों को लगा कि उनकी मौत हो गई है, जिसके बाद उन्हें घर लाया गया और अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए, लेकिन जब उन्हें मुखाग्नि के लिए अर्थी पर ले जाने लगे और उनके चेहरे से कफन हटाया गया तो सांसें चलती हुई मिली। यहां तक कि बुजुर्ग ने आंखें भी खोल ली, जिसके बाद तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को कॉल किया गया। मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने भी सांसें चलने की पुष्टि की। हार्ट बीट, पल्स जांच में बिल्कुल नॉर्मल पाया। बाद में बुजुर्ग को नजदीकी हरिश्चंद्र अस्पताल पहुंचाया गया।”

सर्च के दौरान पंजाब केसरी के यूट्यूब चैनल पर इस मामले से जुड़ी खबर मिली। 27 दिसंबर 2021 की खबर के अनुसार, “मौत की खबर से परिवार के लोग गमगीन थे, श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थी और मृतक बुजुर्ग को मृत्यु शैय्या  पर लिटाकर  अग्नि दी ही जा रही थी कि  अचानक बुजुर्ग ने आँखें खोल दी और उसके बाद उन्हें ले जाया गया।

वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट और पंजाब केसरी के यूट्यूब चैनल की खबर के कोलाज को नीचे देखा जा सकता है।

वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे साथी दैनिक जागरण में उस वक्त इस मामले को कवर करने वाले सीनियर रिपोर्टर सोनू राणा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह मामला 2021 का नरेला का है, जब एक बुजुर्ग व्यक्ति की स्मशान  घाट में साँसें चलने लगी थीं फिर उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था।  

अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, यूजर उत्तर प्रदेश के घोसी का रहने वाला है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो दिल्ली का 2021 का उस वक्त का है, जब एक बुजुर्ग के परिवारवाले उनको मृत समझकर मुखाग्नि  देने वाले थे, लेकिन तभी बुजुर्ग की सांसें  चलने लगी और फिर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

The post Fact Check: जिंदा पिता को श्मशान ले जाने के दावे से वायरल वीडियो 2021 दिल्ली का है appeared first on Vishvas News.

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