नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। आगरा स्थित ताजमहल को लेकर दावा किया जा रहा है कि नए साल के पहले दिन 65 लाख लोग इसे देखने पहुंच गए। इसी बहाने कुमार विश्वास पर भी निशाना साधा जा रहा है, क्योंकि कुछ दिनों पहले एक कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने ताजमहल को सफेद कब्रिस्तान बता दिया था।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से ऐसी वायरल पोस्ट की जांच की, जिसमें 65 लाख लोगों के ताजमहल देखने की बात कही गई। विश्वास न्यूज की पड़ताल में दावा फर्जी साबित हुई।
क्या हो रहा है वायरल
aasu58323 नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने एक पोस्ट करते हुए दावा किया, “नए साल के पहले दिन ताजमहल देखने गए 65 लाख लोग।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने पड़ताल की शुरुआत गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से की। कीवर्ड के जरिए हमने यह जानने का प्रयास किया कि नए साल के पहले दिन कितने लोग ताजमहल देखने के लिए पहुंचे थे। सर्च के नतीजों में हमें जागरण डॉट कॉम की एक खबर मिली। एक जनवरी 2026 की इस खबर में बताया गया, “नए साल के पहले दिन आगरा में ताजमहल पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। खराब मौसम के बावजूद 65 हजार से अधिक पर्यटकों ने ताजमहल का दीदार किया, जिसमें 42,363 टिकट वाले पर्यटक थे। इसमें निश्शुल्क प्रवेश पाने वाले 15 वर्ष तक के बच्चों काे जोड़ लें, तो दिनभर में 65 हजार से अधिक पर्यटक आए।”

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने दैनिक जागरण, आगरा के ईपेपर को स्कैन किया। वहां हमें 2 जनवरी 2025 की एक खबर से पता चला कि नए साल के पहले दिन करीब 65 हजार के आसपास पर्यटकों ने ताजमहल देखा था। खबर में विस्तार से बताया गया कि नववर्ष के पहले दिन टिकट लेकर 42 हजार 363 पर्यटकों ने ताजमहल निहारा। इसमें निश्शुल्क प्रवेश पाने वाले 15 वर्ष तक के बच्चों को जोड़ लें तो दिनभर में 65 हजार से अधिक पर्यटक आए।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की अधीक्षण पुरातत्वविद डा. स्मिथा एस. कुमार ने बताया कि वायरल पोस्ट फर्जी है। एक जनवरी को 42 हजार से ज्यादा लोगों ने टिकट लेकर ताजमहल में प्रवेश किया था। इसके अलावा निश्शुल्क प्रवेश पाने वाले 15 वर्ष तक के बच्चों की तादाद भी काफी ज्यादा रही।
कुमार विश्वास ने ताजमहल को बताया था सफेद कब्रिस्तान
कुछ दिनों पहले यूपी के लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर एक कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने कहा था, “यहां नए साल पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि आगरा में जो एक कब्रिस्तान है सफेद रंग का, उसे देखने जाने की बजाय युवा ज्यादा मात्रा में आगरा की बजाय अयोध्या जी जा रहे हैं, वृंदावन जा रहे हैं. परिवर्तन हो रहा है।”
पड़ताल के अंत में हमने फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की । पता चला कि यह अकाउंट अक्टूबर 2020 को बनाया गया है। इसे 260 लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। नए साल के पहले दिन 65 लाख लोग ताजमहल देखने नहीं गए थे। यह फर्जी आंकड़ा है।
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