नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया  पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें  कुछ लोगों को ट्रेन के आगे नारियल फोड़ते और फिर आरती करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह जापान का वीडियो है, जहां नई ट्रेन के शुरू होने से पहले आरती की जा रही है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। इस वीडियो का जापान से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो 2024 का उस वक्त का है, जब बेंगलुरु में येलो लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन हुआ था। वीडियो को फर्जी दावे के साथ फैलाया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक ग्रुप ‘वैदिक आयुर्वेदिक ज्ञान’ ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “जापान टेक्नोलॉजी और विज्ञान में बहुत मानता है लेकिन आज वो भी सनातन धर्म के आगे नतमस्तक है कुछ विधर्मी वीडियो देख विचलित हो सकते है।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो को सर्च किया। सर्च में हमें इसी वीडियो का लंबा वर्जन rakshabelli11 नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 मार्च 2024 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां बताया गया कि यह बेंगलुरु की येलो लाइन मेट्रो रूट है।

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें यह वीडियो एचके फुटेज प्रो नाम के यूट्यूब चैनल पर 9 मार्च 2024 को अपलोड मिला। यहां वीडियो में मेट्रो के स्क्रीन पर बेंगलुरु  लिखा हुआ देखा जा सकता है।

बेंगलुरु  एक्सप्रेस डॉट कॉम की वेबसाइट पर 8 मार्च 2024 को इस मामले से जुड़ी खबर मिली। बताया गया, 7 मार्च को बीएमआरसीएल ने 19 किमी लंबी येलो लाइन के 12.3 किमी हिस्से पर ट्रायल रन शुरू किया। यह लाइन बोम्मसंद्रा से आरवी रोड को 16 एलिवेटेड स्टेशनों के जरिए जोड़ती है, जिसके लिए छह कोच वाली मेट्रो ट्रेन चलाई गई। खबर के अनुसार, इस मौके पर दक्षिण बेंगलुरु  से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या  भी मौजूद रहे।

इसी कड़ी में सर्च किए जाने पर हमें सांसद तेजस्वी सूर्या  के एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसी मौके की तस्वीरें और पोस्ट भी मिली।

न्यूज सर्च में हमें द हिंदू और डेक्कन हेराल्ड की 14 फरवरी 2024 की एक खबर मिली। खबर के अनुसार, बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन के लिए आने वाली ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन चीन की सरकारी कंपनी CRRC नानजिंग पुजेन ने बनाई है।  

वायरल पोस्ट से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने बंगलोर के पत्रकार रशीद कप्पन से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया ये बंगलोर की येलो लाइन के ट्रायल के टाइम का वीडियो है। 

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक ग्रुप ‘वैदिक आयुर्वेदिक ज्ञान’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि ग्रुप को 114 लोग फॉलो करते हैं।

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