नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘धुरंधर द रिवेंज’ 19 मार्च 2026 को रिलीज होने के बाद बॉक्‍स ऑफिस पर तगड़ी कमाई कर रही है। सोशल मीडिया पर इसकी काफी ज्‍यादा चर्चा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक फोटो तेजी से वायरल हो रही है। फोटो में टीम धुरंधर को राम मंदिर के प्रांगण में दिखाया गया है। तस्‍वीर को शेयर करते हुए देश के लिबरल और सेक्‍युलर लोगों पर निशाना साधते हुए दावा किया गया कि टीम धुरंधर अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के लिए गई थी।

विश्वास न्‍यूज ने वायरल तस्‍वीर की विस्‍तार से जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। अपनी पड़ताल में हमने पाया कि वायरल तस्‍वीर को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।

क्‍या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘नागियान बाबा’ ने 22 मार्च 2026 को एक तस्‍वीर को शेयर करते हुए दावा किया, “टीम धुरन्धर श्री अयोध्या जी मे श्री रामलला सरकार के श्री चरणों मे नत ••• उफ़्फ़..लिबरल सेक्युलर चमचे आज फिर पूरी रात रोएँगे..कोई बर्फ़ की सिल्ली..बर्नोल भिजवाओ रेएएए।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल तस्‍वीर को ध्‍यान से स्‍कैन किया। हमें तस्‍वीर के नीचे ‘@DevAIMation’ लिखा हुआ नजर आया। इसके आधार पर हमने यह हैंडल सर्च किया। हमें इंस्‍टाग्राम पर यह हैंडल मिला। यहां हमें वायरल तस्‍वीर 20 मार्च 2026 को अपलोड मिली। इसके अलावा कई अन्‍य तस्वीरें भी यहां पोस्‍ट की गई थीं। फोटोज के कैप्‍शन में साफ शब्‍दों में डिस्क्लेमर में इन्हें एआई-निर्मित बताया गया था।

हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वायरल तस्‍वीर को एआई डिटेक्शन टूल्स के जरिए सर्च किया। सबसे पहले हमने ‘Hive Moderation’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने फोटो के 99.9 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई।

इसके बाद हमने फिर दूसरे टूल ‘Sight Engine’ का इस्तेमाल किया। इस टूल ने 98 फीसदी तक तस्वीर के एआई से बने होने के संकेत दिए।

हमने गूगल डीपमाइंड के ‘Synth ID’ टूल का भी इस्‍तेमाल किया। यहां वायरल तस्‍वीर को सर्च करने पर नतीजों से पता चला कि यह तस्‍वीर गूगल एआई की मदद से बनाई गई है। नतीजे नीचे देखे जा सकते हैं।

विश्वास न्‍यूज ने अधिक जानकारी के लिए एआई एक्‍सपर्ट एस के साहिद से संपर्क किया। उन्‍होंने वायरल तस्‍वीर को एआई-निर्मित बताया।

अंत में हमने एआई फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। ‘नागियान बाबा’ नाम के इस यूजर को फेसबुक पर 31 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर दिल्‍ली में रहता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्‍यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि टीम धुरंधर की वायरल तस्‍वीर एआई से बनाई गई है।

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