नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सात सेकंड का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें पुलिस को भीड़ पर लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को दिल्‍ली का मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि दिल्‍ली पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया है।

विश्वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो की विस्‍तार से जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। दरअसल वायरल वीडियो राजस्‍थान के बारां का है। इसका दिल्‍ली से कोई संबंध नहीं है।

क्‍या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Bharat KI Janta’ ने 22 मार्च 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “#delhipolice लाठी चार्ज बजरंगदल जो देश में दंगा बढ़काएगा उस पर DelhiPolice करवाई करेगी।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई ग्रैब्‍स निकाले। फिर इन्‍हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। यही वीडियो हमें राजस्‍थान के बारां के नाम पर कई सोशल मीडिया हैंडल्‍स पर मिला।

फेसबुक पेज ‘फॉस्‍ट समाचार डॉट कॉम’ ने 11 फरवरी 2026 को इस वीडियो को बारां का बताते हुए पोस्‍ट किया। साथ में लिखा गया, “राजस्थान के बारां जिले में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब गौ सेवकों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में गौ सेवक किसी मांग को लेकर एकत्रित हुए थे और जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान भीड़ लगातार बढ़ती गई, जिससे मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।”

इसी तरह ‘TGVMEDIA’ नाम के इंस्‍टाग्राम हैंडल ने भी 11 फरवरी 2026 को वीडियो को पोस्‍ट करते हुए लिखा, “राजस्थान के बारां जिले में गौ सेवकों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की कार्रवाई सामने आई है, जिसे कई संगठनों और आम जनता ने अत्यंत निंदनीय बताया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन के पास हालात संभालने के लिए संवाद और वैकल्पिक रास्ते मौजूद थे, लेकिन इसके बजाय बल प्रयोग किया गया। आरोप है कि गौ माता के नाम पर वोट लेने वाली सरकार के दबाव में यह कार्रवाई की गई, जिससे गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस-राजस्थान ने भी सरकार को घेरते हुए इसे दमनकारी रवैया बताया है।”

पत्रिका डॉट कॉम की 9 फरवरी 2026 की एक खबर में बताया गया कि राजस्‍थान के बारां में बछड़े की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शहर के प्रताप चौक पर धरने पर बैठे गौ सेवकों और विभिन्न हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। इस घटना को भास्‍कर डॉट कॉम ने भी पब्लिश किया था।

विश्वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो में दिख रहे पुलिस स्‍टेशन के बारे में सर्च किया। गूगल मैप की मदद से सर्च करने पर हमें स्ट्रीट व्यू में वायरल वीडियो वाली जगह नजर आई। गूगल स्ट्रीट व्यू में हमें बारां के प्रताप चौक स्थित वह पुलिस चौकी भी दिखी, जो वायरल वीडियो में नजर आ रही थी।

विश्वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, नई दिल्‍ली के वरिष्‍ठ क्राइम रिपोर्टर राकेश कुमार सिंह से संपर्क किया और उनके साथ वायरल वीडियो साझा किया। उन्‍होंने वायरल पोस्‍ट को फर्जी बताते हुए कहा कि दिल्‍ली के नाम पर वायरल वीडियो राजस्‍थान का है।

पड़ताल के अंत में फेसबुक पेज ‘भारत की जनता’ की जांच की गई। पता चला कि इसे 17 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यह ग्रुप 30 अगस्‍त 2022 को बनाया गया था।

निष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। राजस्‍थान के बारां में हुए लाठीचार्ज के वीडियो को दिल्‍ली का बताकर झूठ फैलाया गया।

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