नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर एक फोटो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में एक महिला को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ खड़ा देखा जा सकता है। इस फोटो को शेयर करते हुए यह दावा किया जा रहा है कि शिक्षा मंत्री के साथ नजर आ रही महिला प्रोफेसर मनीषा मांढरे हैं, जिन्हें NEET-UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में शिक्षा मंत्री के साथ नजर आ रही महिला शिक्षिका मनीषा मांढरे नहीं, बल्कि निवेदिता एकबोटे हैं। निवेदिता एकबोटे पुणे के मॉडर्न कॉलेज की प्रधानाचार्य हैं। साथ ही, वह महाराष्ट्र भारतीय जनता युवा मोर्चा के साथ उसके प्रदेश उपाध्यक्ष के तौर पर भी जुड़ी हुई हैं। मॉडर्न कॉलेज के प्रिंसिपल की इस तस्वीर को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Madan Jha’ ने 18 मई 2026 को वायरल फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “मनीषा मंधारे से देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कनेक्शन NEET पेपर लीक में मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी के बाद धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी क्यों नहीं? क्या सरकार के शीर्ष नेताओं ने इसमें मोटा हिस्सा लिया है? हिन्दू खतरे मै है और यहाँ NEET की बात कर रहें है।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने फोटो को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल तस्वीर ‘Nivedita Ekbote’ नाम के एक्स अकाउंट पर मिली। फोटो को 18 दिसंबर 2024 को शेयर किया गया था। कैप्शन में पुणे पुस्तक महोत्सव में हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री को शुक्रिया कहा गया है। साथ ही, इस मुलाकात के अनुभव को शेयर किया गया है। उन्होंने यह तस्वीर इसी जानकारी के साथ अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर भी शेयर की हुई है। 

‘Nivedita Ekbote’ के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालने पर हमने पाया कि उन्होंने वायरल दावे का भी खंडन किया है। उन्होंने 18 मई 2026 को एक एक्स यूजर को रिप्लाई करते हुए अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट की थी। इस पोस्ट में उन्होंने दावे का खंडन करते हुए लिखा है, “इस अकाउंट/पोस्ट को चलाने वाला व्यक्ति केंद्रीय मंत्री @dpradhanbjp के साथ मेरी तस्वीर का गलत इस्तेमाल करके मेरी पहचान को भ्रामक तरीके से पेश कर रहा है। यह तस्वीर एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों के साथ ली गई थी। इस तरह की तस्वीरों का दुरुपयोग करके झूठी बातें फैलाना निंदनीय है। कृपया इस तरह की भ्रामक पोस्ट शेयर न करें।” 

‘Nivedita Ekbote’ के एक्स अकाउंट के बायो में मौजूद जानकारी के मुताबिक, वह पुणे के मॉडर्न कॉलेज की प्रधानाचार्य हैं। साथ ही, वह महाराष्ट्र भारतीय जनता युवा मोर्चा के साथ उसके प्रदेश उपाध्यक्ष के तौर पर भी जुड़ी हुई हैं।

पड़ताल के दौरान हमें प्रोफेसर मनीषा मांढरे की कई तस्वीरें न्यूज रिपोर्ट्स में मिलीं। निवेदिता एकबोटे और मनीषा मांढरे की तस्वीरों को नीचे देखा जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए हमने पुणे के वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार विश्वनाथ गौर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल तस्वीर प्रोफेसर मनीषा मांढरे की नहीं है।

क्या है संदर्भ?

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 3 मई 2026 को NEET UG का एग्जाम आयोजित किया था। 23 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया था। पेपर लीक की बात सामने आते ही 12 मई को इस परीक्षा को रद कर दिया गया था। अब इस मामले की जांच चल रही है। इस मामले में प्रोफेसर मनीषा मांढरे, विकास बिवाल, मनीषा वाघमारे, शुभम खैरनार और धनंजय लोखंडे सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। साथ ही, नीट के री-एग्जाम की तारीख घोषित कर दी गई है। 21 जून को फिर से नीट की परीक्षा होगी।

 पूरी रिपोर्ट को यहां, यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है। 

अंत में हमने वायरल तस्वीर को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को करीब तीन हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को दिल्ली का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि शिक्षा मंत्री के साथ नजर आ रही महिला शिक्षिका मनीषा मांढरे नहीं, बल्कि निवेदिता एकबोटे हैं। निवेदिता एकबोटे पुणे के मॉडर्न कॉलेज की प्रधानाचार्य हैं। साथ ही, वह महाराष्ट्र भारतीय जनता युवा मोर्चा के साथ भी जुड़ी हुई हैं। 

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