नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल में जेन जी के हिंसक प्रदर्शन के बाद वहां अंतरिम सरकार गठित हो चुकी है। इसी बीच एक तस्वीर वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में कुछ बाइक सवारों के हाथ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पोस्टर देखा जा सकता है। तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि नेपाल में योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इन्हीं विरोध- प्रदर्शनों के बीच रैली निकाली गई है और वहां की जनता ‘योगी मॉडल’ की मांग कर रही है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। यह तस्वीर मार्च 2025 में हुई एक रैली से सम्बंधित है। यह रैली नेपाल में राजशाही को दोबारा शुरू करने से जुड़ी थी और इसमें पूर्व राजा नरेश ज्ञानेंद्र के साथ योगी आदित्यनाथ का पोस्टर नजर आया था।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
वायरल पोस्ट को 10 सितंबर को शेयर करते हुए यूजर ‘अशोक कुमार सनातनी’ ने लिखा, “नेपाल से आई खूबसूरत तस्वीर। नेपाल के युवा भी चाहते हैं कि अब नेपाल में चले योगी मॉडल। #nepalgenzprotest #nepal #nepali #nepal #hinduism #yogiadityanath #hindudharma #hinduculture.”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।
पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल फोटो सर्च किया। सर्च करने पर हमें यह तस्वीर कई न्यूज वेबसाइट पर अपलोड की हुई मिली। नेपाल डेली डॉट कॉम ने इस तस्वीर को मार्च 2025 में छपी खबर में अपलोड किया है। खबर के अनुसार, “पूर्व राजा नरेश ज्ञानेंद्र के समर्थन में काठमांडू में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में भारत के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पोस्टर दिखाने वाले प्रदीप बिक्रम राणा भारत पहुँच गए हैं। उन्होंने भारतीय मीडिया को बताया है कि नेपाल में पुलिस उन्हें ढूँढ रही है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में योगी आदित्यनाथ के बैनर के इस्तेमाल को लेकर काफी आलोचना हुई और पुलिस द्वारा उनकी तलाश किए जाने के बाद उन्होंने भारत में शरण ली थी।”

13 मार्च को बीबीसी नेपाल की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, “नेपाल में पूर्व राजा के स्वागत में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर दिखाए जाने पर विवाद हो गया। भारत के पूर्व राजदूत रणजीत रे का मानना है कि यह आर्थिक मंदी और निराशा से उपजा आक्रोश है, जिसका राजशाही समर्थक फायदा उठा रहे हैं।”
11 मार्च को लाइव हिंदुस्तान की खबर में बताया गया, “रविवार को ज्ञानेंद्र शाह का स्वागत करने के लिए लोग सड़क के दोनों और खड़े थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने बाइक रैली भी निकाली। इसी बीच कुछ लोगों ने ज्ञानेंद्र शाह के पोस्टर के साथ योगी आदित्यनाथ का भी पोस्टर लहराया।”
13 सितंबर को आजतक में छपी खबर के मुताबिक, नेपाल में हिंसक प्रदर्शन के बाद 12 सितंबर की रात को वहां की पूर्व न्यायाधीश सुशीला कार्की ने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। भारत ने नेपाल में बनी नई अंतरिम सरकार के गठन का स्वागत किया है।
वायरल तस्वीर से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने नेपाल के स्वतंत्र पत्रकार अनुज अरोड़ा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह तस्वीर मार्च 2025 में हुई एक रैली की है।
अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर अशोक कुमार सनातनी की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 65 हजार लोग फॉलो करते हैं।
The post Fact Check : नेपाल में रैली में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के पोस्टर वाली तस्वीर पुरानी है, हालिया प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं appeared first on Vishvas News.
