नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर एक बार फिर से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक बच्चे को 500 रुपए के नोटों की गड्डियों के साथ देखा जा सकता है, जबकि यह नोट 2016 में भारत में नोटबंदी के दौरान अमान्य घोषित किए जा चुके हैं। वीडियो को पाकिस्तान का बताते हुए दावा किया जा रहा है कि भारत के नोट पाकिस्तान में पहुंच गए।
इस दावे को सच समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। दावा फर्जी साबित हुआ। वीडियो पाकिस्तान का नहीं है। यह भारत का ही वीडियो है, जिसे एक बार फिर से पाकिस्तान से जोड़ते हुए फर्जी दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। विश्वास न्यूज एक बार पहले भी इसकी जांच कर चुका है। उस पड़ताल को यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक पेज वीके न्यूज ने 23 सितंबर 2025 एक वीडियो अपलोड करते हुए दावा किया, “पाकिस्तान में पुराने भारतीय 500 रुपये के नोट कचरा ठेले पर लहराते: वायरल वीडियो ने उठाए सवाल, “कैसे पहुंचे इतने नोट?”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को ई सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो न्यूज 11 भारत नाम के इंस्टाग्राम हैंडल पर 1 जनवरी को अपलोड किया हुआ मिला। वीडियो के साथी दी गई जानकारी के अनुसार, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस समय बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें कूड़ा-कचरा बीनने वाले बच्चों को 500 रुपए के पुराने नोटों की गड्डियां लहराते और उन्हें दूसरे लोगों को बांटते हुए देखा गया।”
टाइम टूल की मदद से हमने वीडियो को तलाश करना शुरू किया। सर्च में हमें यह वीडियो 27 दिसंबर 2024 को ‘akhimishra511’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया हुआ मिला। यहां वीडियो के कोई साथ कोई कैप्शन नहीं लिखा है।
इसी प्रोफाइल पर हमें इस बच्चे के और भी कई वीडियो मिले। 2 फरवरी को अपलोड किये गए वीडियो में इन्हीं बच्चों से इस शख्स को मिलते हुए भी देखा जा सकता है।
इस इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर एक यूट्यूब चैनल का भी लिंक है। यूट्यूब चैनल पंडित बृजेश मिश्रा गोंडा पर इन्हीं बच्चों का वीडियो मिला। वीडियो को 2 जनवरी 2025 को अपलोड किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो लखनऊ का है। ये बच्चे लखनऊ में रहते हैं।
बता दें, 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा करते हुए 500 और 1000 रुपए के नोट को अमान्य घोषित कर दिया गया था।
गूगल सर्च के दौरान हमें पता चला कि उत्तराखंड के ऋषिकेश में 2017 में एक कबाड़ी के पास पुराने नोट मिले थे। जागरण डॉट कॉम की वेबसाइट 14 जनवरी 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक, “500 और 1000 रुपए के पुराने नोट चलन से बाहर होने के बाद जैसा अंदेशा जताया जा रहा था, ठीक वैसा ही तीर्थनगरी में देखने को मिला। यहां मुनिकीरेती क्षेत्र में नौ लाख 85 हजार रुपए के पुराने नोट मिले हैं। खाई में फेंकी इस रकम में से कुछ कबाड़ी के हाथ लगी थी, जबकि कुछ पुलिस ने बरामद किए। कबाडी ने इसमें से एक नोट भुनाने का प्रयास किया, तो पूरा मामला खुल गया। थैले में 500 के पुराने नोटों की कई गड्डियां मिलीं। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और नोट कब्जे में ले लिए।”
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने दैनिक जागरण, गोंडा के जिला प्रभारी रमन मिश्रा से संपर्क किया । उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो काफी पुराना है। यह पहले भी वायरल हो चुका है। वीडियो लखनऊ के ही आस- पास के इलाके का है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक पेज वीके न्यूज़ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि इस पेज को को चार लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। यह वीडियो पाकिस्तान का नहीं है। यह भारत का ही वीडियो है, जिसे एक बार फिर से पाकिस्तान से जोड़ते हुए फर्जी दावे के साथ फैलाया जा रहा है।
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