नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पानी में कई नावें और यॉट हैं। सभी किसी एक दिशा की तरफ जाते हुए दिख रहे हैं, वहीं इन पर लोग भी मौजूद हैं। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि 44 देशों के लोगों ने 50 से ज़्यादा नावें गाज़ा भेजी हैं जो ‘घेराबंदी’ को तोड़ने के लिए जा रही हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा फर्जी है। यह वीडियो तुर्किये के फुटबॉल प्रशंसकों के जश्न का है। इसके अलावा ख़बरों के अनुसार, ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला गाजा में दवा और खाद्य सामग्री पहुँचाने के लिए रवाना हैं और इसमें 40 से अधिक नागरिक जहाज़ शामिल हैं, जिन पर लगभग 500 सांसद, अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी हैं। हालांकि, इनमे से कई जहाजों को इजरायल ने रोक दिया है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

वायरल वीडियो को शब्बीर अंसार ने 1 अक्टूबर को पोस्ट करते हुए लिखा, ” फ्री फिलिस्तीनी. वैश्विक सुमुद फ़्लोटिला, 44 देशों के लोगों ने 50 से ज़्यादा नावें गाज़ा की घेराबंदी तोड़ने के लिए गाज़ा की ओर बढ़ रही हैं। ये आधुनिक इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा नागरिक फ़्लोटिला है।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

वायरल वीडियो से जुड़ी अपनी पड़ताल को शुरू करने के लिए सबसे पहले हमने वीडियो को गौर से देखा। वीडियो में हमें पानी में नजर आ रही इन नावों पर लाल और पीले रंग के झंडे नजर आये। इसी कड़ी में अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के फ्रेम को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया।

सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो से ही मिलता-जुलता मंजर एक तुर्किये की न्यूज वेबसाइट meyralem पर पब्लिश हुई खबर में मिला। 25 मई 2025 को छपी खबर के अनुसार, गालातासराय के हज़ारों फैंस अपनी टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए येनिकापी में इकट्ठा हुए। टीम ने 2023-24 सुपर लीग जीतने के बाद “चैंपियंस फेस्ट” में अपने फैंस के साथ जश्न मनाया है।

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें ‘batu.kaya.21’ नाम के एक टिकटॉक अकाउंट पर वायरल वीडियो शेयर किया हुआ मिला। वीपीएन की मदद से हमने वीडियो को खोला, यहां इस वीडियो को 26 मई को अपलोड किया गया है। यहां भी जानकारी के अनुसार, यह गालातासराय (फुटबॉल क्लब) के फैंस का वीडियो है।

वायरल वीडियो के ही मंजर वाला वीडियो हमें 27 मई 2025 को एक फूटी रेज नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर अपलोड किया हुआ मिला। यहां वीडियो के साथ बताया गया, “गलतासराय ने इस्तांबुल में अपने 25वें चैम्पियनशिप खिताब का जश्न लाखों फैंस और नावों के जुलूस के साथ मनाया। बोस्फोरस पार करते हुए टीम का सैकड़ों नावों के जश्न का जुलूस फेस्टिवल ग्राउंड्स तक पहुँचा।”

आगे की पड़ताल में हम गालातासराय के ऑफिशियल एक्स हैंडल पर पहुंचे। यहां दी गई जानकारी के अनुसार, गालातासराय तुर्किये का फुटबॉल क्लब है। इस अकाउंट पर हमें वायरल वीडियो का ही एक दूसरा वर्जन मिला। जश्न मनाये जाने के इस वीडियो को यहां 26 मई 2025 को अपलोड किया गया है।

न्यूज सर्च किए जाने पर हमें इस मामले से जुड़ी कई खबरें मिलीं। वन फुटबॉल डॉट कॉम पर 25 मई की खबर के अनुसार, “पिछले कुछ हफ्तों में यूरोप में कई चैम्पियनशिप जश्न देखे गए, लेकिन आज इस्तांबुल में गालातासराय और उसके फैंस का जश्न सबसे अद्भुत था। बोस्फोरस पार करते हुए टीम का यॉट सैकड़ों नावों के साथ गया, जहां सभी ने मिलकर एक साथ ही जश्न मनाया है।”

तुर्किये की न्यूज वेबसाइट डेली सबह पर भी इस जश्न से जुड़ी खबर जा सकती है।

सीएनएन की 2 अक्टूबर की खबर में बताया गया, “गाजा पर इजरायल की 18 साल पुरानी घेराबंदी तोड़ने और युद्ध से प्रभावित इलाके में मदद पहुँचाने के लिए भूमध्य सागर के अलग-अलग बंदरगाहों से जहाज रवाना किए गए हैं। गुरुवार सुबह लगभग 9:15 बजे स्थानीय समय के अनुसार, 23 GSF जहाज अभी भी यात्रा पर थे, जबकि 21 जहाज़ों को रोका जा चुका था। फ्लोटिला आयोजकों ने इसे मानवतावाद पर “अवैध हमला” करार दिया। वहीं,इज़राइल का कहना है कि ये कार्यकर्ता मदद में नहीं, बल्कि उकसाने में रुचि रखते हैं।”

2 अक्टूबर की रायटर्स की खबर के अनुसार, ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला गाजा में दवा और खाद्य सामग्री पहुँचाने के लिए रवाना हैं और इसमें 40 से अधिक नागरिक जहाज शामिल हैं, जिन पर लगभग 500 सांसद, अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हैं। वहीं, गुरुवार को इज़रायली बलों ने गाजा जाने वाले 14 जहाज़ों को रोका, जिनमें विदेशी सक्रिय कार्यकर्ता और मदद सामग्री सवार थी। इसके बावजूद, फ्लोटिला के ट्रैकिंग सिस्टम के अनुसार 23 जहाज अभी भी युद्ध से प्रभावित फिलिस्तीनी इलाके की ओर बढ़ रहे हैं।

द गार्जियन की 2 अक्टूबर 2025 की खबर के अनुसार, “गुरुवार को गाजा जाने वाली सहायता फ्लीटिला में 13 जहाज़ों को इज़रायली नौसेना ने रोका है,जिनमें लगभग 200 लोग सवार थे और ये लोग स्पेन, इटली सहित कई देशों से आए थे। इसके बावजूद बाकी दर्जनों जहाज़ अपनी यात्रा जारी रखते हुए गाजा पट्टी के तट की ओर बढ़ रहे हैं।”

1 अक्टूबर की अल जजीरा इंग्लिश की खबर के अनुसार, जहाज के इन काफिलों में स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी थी, जिन्हें डिटेन कर दिया गया है।

पुष्टि के लिए हमने गाजा-इजरायल विवाद को लम्बे वक्त से कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार सौरभ शाही से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, कई देशों के नागरिक मिलकर गाजा में राहत सामग्री बोट्स के जरिए पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई नावों को रोक भी लिया गया है।

अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर शब्बीर अंसारी की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को पांच हजार 800 से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, यूजर फेसबुक पर काफी एक्टिव रहता है।

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