नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एसआईआर से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें धार्मिक टोपी में बहुत-से लोगों को एक स्टेशन के पास देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि एसआईआर की वजह से पश्चिम बंगाल में अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्या अपना देश लौटने लगे हैं और यह इसी मामले का वीडियो है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का दिसंबर 2024 का है। बंगाल में एसआईआर के आदेश 27 अक्टूबर 2025 को हुए हैं जबकि वीडियो दिसंबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है। और यह वीडियो पश्चिम बंगाल में हुए एक इज्तिमा (धार्मिक सम्मेलन) में शामिल हुए लोगों का है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “Sir लागू best बंगाल मे रोहिंग्या की घर वापसी #रोहिंग्या।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के एक की-फ्रेम निकाल कर सर्च किया। सर्च किए जाने पर हमें यह वीडियो जय गाँव वॉइस न्यूज नाम के एक फेसबुक पेज पर 24 दिसंबर 2024 को वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। पोस्ट किए गए इस पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, ये पश्चिम बंगाल का मगराहट स्टेशन का वीडियो है।

दिसंबर 2024 को यह वीडियो हमें और भी कई सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड किया हुआ मिला। यहां भी वीडियो बंगाल का बताया गया है।

सर्च में हमें यह वीडियो विकाश शॉ नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर 23 दिसंबर 2024 को अपलोड किया हुआ मिला। बताया गया कि यह इज्तिमा  में आये लोगों का वीडियो है। दी गई जानकारी के अनुसार, “डायमंड हार्बर लोकल ट्रेन दक्षिण 24 परगना के मगराहाट में ‘इज्तिमा ‘ की भीड़ के बीच से गुज़र रही है।”

एचटीवी 24 नाम के यूट्यूब चैनल पर 23 दिसंबर 2024 को अपलोड हुए वीडियो में मगराहाट इज्तिमा के बारे में भी बताया गया है।

बता दें, ईसीआई ने 27 अक्टूबर 2025 को घोषणा की थी कि एक नई स्पेशल  इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर र) वोटर लिस्ट संशोधन अभ्यास देश के 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में किया जाएगा, जिनमें West Bengal भी शामिल है।

इंडियन एक्सप्रेस की 20 नवंबर की की रिपोर्ट के अनुसार, “एसआईआर की घोषणा के बाद हाकिमपुर बॉर्डर पर ‘रिवर्स एक्सोडस’ जैसा हाल बन गया है। बीएसएफ अधिकारियों के मुताबिक, नवंबर के पहले हफ्ते से हर दिन करीब 150–200 अवैध बांग्लादेशी भारत छोड़कर लौटने की कोशिश कर रहे हैं। एसआईआर के तहत बूथ-लेवल अधिकारी घर-घर दस्तावेज जांच रहे हैं, जिससे जिनके पास भारतीय पहचान पत्र नहीं है या जिनके कागज संदिग्ध हैं, वे पकड़े जाने से डर रहे हैं। कई प्रवासी मानते हैं कि अगर वे बांग्लादेश लौट जाएं, तो उनके दस्तावेज दिखाकर ‘पुशबैक’ प्रक्रिया से आसानी से वापस भेज दिया जाएगा।” रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई महिलाएं, बुज़ुर्ग और बच्चे बॉर्डर पर अपने बैग के साथ बैठे मिले हैं।

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर रजनीश कुमार शुक्ला की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 6 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का दिसंबर 2024 का है। बंगाल में एसआईआर के आदेश 27 अक्टूबर 2025 को हुए हैं जबकि वीडियो दिसंबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है। और यह वीडियो पश्चिम बंगाल में हुए एक इज्तिमा (धार्मिक सम्मेलन) में शामिल हुए लोगों का है।

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