नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उनको कुछ लोगों के साथ विचार-विमर्श करते हुए देखा जा सकता है। इसमें वहां मौजूद एक व्यक्ति उनसे कह रहे हैं कि देश में व्यापारियों को ‘चोर’ बताने वाला माहौल बना दिया गया है, इससे उनमें डर का माहौल है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि जर्मनी में कुछ व्यापारियों ने राहुल से कहा है कि देश में ऐसे माहौल के लिए वह जिम्मेदार हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि कांग्रेस नेता मुदित अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए यह बात कही थी। उन्होंने राहुल गांधी को इसके लिए जिम्मेदार नहीं बताया था। वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘समानता का अधिकार’ ने 25 दिसंबर को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “जर्मनी में कुछ व्यापारियों ने पप्पू चरसी को बड़ा शानदार बेल्ट ट्रीटमेंट दिया, व्यापारियों ने कहा कि एक व्यापारी अपनी पूरी जिंदगी सब कुछ दांव पर लगाकर बिजनेस करता है अपने घर की पूंजी दांव पर लगता है पूरा रिक्स लेता है। अपने पूरे जीवन को दांव पर लगता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कुछ लोगों ने देश में ऐसा माहौल बना दिया है कि व्यापारी चोर होते हैं व्यापारी करप्ट होते हैं। आप पप्पू चरसी का चेहरा देखिए जैसे कोई पॉकेट मार चोर रंगे हाथ पकड़ा गया हो, और यह बिल्कुल सच है किसी भी व्यापारी का जब बिजनेस डूबता है कर्मचारी तुरंत दूसरी जगह नौकरी पर लग जाते हैं, पिछले कुछ वर्षों में अगर कोई व्यापारी बैंककरप्ट हुआ है या किसी वजह से वह डूबा है तो आप सर्वे करके देखिए कर्मचारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा कर्मचारी तो तुरंत अपना रिज्यूम naukri.com या कहीं देकर नौकरी पर लग जाता है, लेकिन उसे व्यापारी और उसके परिवार का क्या हाल होता है वह भी आप देख लीजिए। राहुल गांधी पूरे व्यापारी समुदाय को चोर करप्ट भ्रष्टाचारी खून चूसने वाला बता दिया है, ठीक वही स्क्रिप्ट राहुल गांधी का है जिस स्क्रिप्ट पर 60-70- 80 के दशक में हिंदी फिल्मों में व्यापारियों को दिखाया जाता था।“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए वीडियो का कीफ्रेम लेकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 25 दिसंबर को इससे संबंधित खबर छपी है। इसके अनुसार, “संसद भवन में राहुल गांधी से अग्रवाल वैश्य लघु उद्योग व्यापार एवं एमएसएमई के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल के नेतृत्व में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं को उनके सामने रखा। उन्होंने कहा कि इस समय व्यापारियों में डर का माहौल है और भाजपा की नीतियां छोटे व मध्यम व्यापारियों के हितों के खिलाफ हैं।” खबर में वीडियो के कीफ्रेम को भी अपलोड किया गया है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के फेसबुक पेज पर भी 25 दिसंबर को इस मुलाकात का वीडियो पोस्ट किया गया है। इसके साथ में लिखा है, “नेता विपक्ष राहुल गांधी ने व्यापार संवाद में वैश्य समाज के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मोदी सरकार की मोनोपोली और गलत GST ने व्यापारियों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ये उत्पादन, रोजगार और भारत के भविष्य पर सीधा हमला है। हमारी लड़ाई BJP सरकार की इसी सामंतवादी सोच के खिलाफ है, जिसे हम पूरी ताकत से लड़ेंगे।”

मुदित अग्रवाल ने 24 दिसंबर को एक वायरल पोस्ट को झूठा बताते हुए लिखा है कि उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए यह बात की थी।
इस बारे में हमने मुदित अग्रवाल से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। उन्होंने भाजपा सरकार में जीएसटी आदि से व्यापारियों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया था। इसके लिए उन्होंने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था।
गलत पोस्ट शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के करीब 34 हजार फॉलोअर्स हैं।
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