नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला पिछले साल दिसंबर से जारी है। इन प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में काफी लोगों की भीड़ एक जगह जमा देखी जा सकती है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो का संबंध ईरान सरकार के समर्थन में निकाली गई रैलियों से है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है। यह वीडियो साल 2020 का ईरानी कमांडर और कुद्स फोर्स के हेड कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार में शामिल लोगों का है। पुराने वीडियो को ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों से जोड़ते हुए समर्थन के फर्जी दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक यूजर ने 6 जनवरी को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “ईरान में सरकार के समर्थन में विशाल रैली।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें। वायरल वीडियो में काफी लोगों की भीड़ एक जगह जमा देखी जा सकती है।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल हो रहे इस वीडियो को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च में हमें वकाजी नाम के एक एक्स हैंडल पर 6 जनवरी 2020 को वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। यहां दी गई जानकारी के अनुसार, यह कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार का वीडियो है।
इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें उज्बेकिस्तान ऑफिशियल नाम के फेसबुक पेज पर यह वीडियो 6 जनवरी 2020 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां बताया गया, “US के हाथों मारे गए ईरानी कमांडर और कुद्स फोर्स के हेड सुलेमानी के अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए।”
इसी मामले का न्यूज सर्च किए जाने पर हमें ईरान की न्यूज वेबसाइट mashreghnews पर 5 जनवरी 2020 की खबर में भी वायरल वीडियो देखा जा सकता है। खबर में बताया गया कि ईरान के एहवाज में यह भीड़ कमांडर कासिम सुलेमानी के जनाजे में शामिल हुए लोगों की है।

खबरों के अनुसार, सुलेमानी की मौत 03 जनवरी 2020 को एक ड्रोन हमले में हुई थी। इस मामले से जुड़ी ख़बरें, बीबीसी, द गार्जियन और सीएनबीसी की वेबसाइट पर पढ़ी जा सकती है।
अब बारी थी वायरल पोस्ट से जुड़ी जानकारी को चेक करने की। इसके लिए हमने ईरान की पत्रकार फातिमा करीम खान से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो कमांडर कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार का है, हालिया प्रदर्शनों का नहीं है।
बता दें, ईरान में महंगाई और कमजोर होती अर्थव्यवस्था के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब बड़े पैमाने पर हिंसक रूप ले चुके हैं। लोग कई शहरों में सड़कों पर हैं और जगह-जगह सुरक्षा बलों से भिड़ंत हो रही है, जिससे कम से कम 30-35 लोगों की मौत और हजारों की गिरफ्तारी की खबरें हैं।
अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर शैलेन्द्र दीक्षित की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को छः हजार लोग फॉलो करते है। वहीं, इस प्रोफाइल से विचारधारा प्रेरित पोस्ट शेयर की जाती है।
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