नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बकरीद से पहले गोवंश के कटान को लेकर एक अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत 14 साल से कम उम्र के किसी भी पशु का कटान नहीं होगा। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ गाड़ियों में गोवंश लदे हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि बंगाल में मुसलमानों ने हिंदू व्यापारियों से गोवंश नहीं खरीदे। साथ ही, उन्होंने कहा है कि वे अब गाय की कुर्बानी नहीं देंगे।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल वीडियो बांग्लादेश का निकला। इसका पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, गोवंश कटान को लेकर आई अधिसूचना के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी सलाह दी है कि मुसलमान बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर कुर्बानी के लिए गोवंश की खरीदारी नहीं करें।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘@55MTQ_’ ने 20 मई 2026 को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “बंगाली मुसलमान की तरफ से एक नई तहरीक शुरू हो गई है, ये ऐसी तहरीक है कि सारे मुसलमानों को इस पर अमल करना चाहिए, जिस जानवर के नाम पर लिन्चिंग होती है इसी जानवर को ज्यादा दाम पाने के लिए बकर ईद के अवसर पर बेच दिया जाता है, बंगाली मुसलमानों का कहना है कि हम लोग इस बार गाय की कुर्बानी नहीं करेंगे, ये ‘तुम्हारा माता है इसको घर में रखो इसकी पूजा अर्चना करो’ इसको मार्केट में मत बेचो जो भी खरीदेगा कुर्बानी के लिए ही खरीदेगा इसलिए आप लोग वापस चले जाइए!”
वीडियो की भाषा समझने के लिए हमने गूगल जेमिनी एआई की मदद ली। इससे पता चला कि वीडियो में एक व्यक्ति को बंगाली भाषा में कथित तौर पर कहते हुए सुना जा सकता है, “यहां बेकार में मत रुको। यहां से चले जाओ। कुर्बानी के हाट बाजार से अपनी माता को ले जाओ। यहां लोग कुर्बानी के लिए पशु खरीदते हैं। घर ले जाकर इनकी पूजा करो और यहां मत लाओ।”
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कुछ कीफ्रेम्स निकाले और उन्हें गूगल लेंस की मदद से सर्च किया। यूट्यूब चैनल ‘@Masha-allahdairyfarmhomna’ ने 18 मई 2026 को वायरल वीडियो क्लिप शेयर किया था।
इसका भी हमने गूगल जेमिनी की मदद से ट्रांसलेट किया। इसमें यूजर को कहते हुए सुना जा सकता है, “शायद जशोर जिले में चौगाछा उपजिले के चौगाछा हाट का 16 मार्च 2026 ईद से पहले का आखिरी बाजार है। बाजार की शुरुआत में ही काफी संख्या में गोवंश बाजार में आ रहे हैं। इस हाट में बकरीद को देखते हुए काफी संख्या में गोवंश लाए जा रहे हैं।” इसमें वायरल वीडियो वाला बयान नहीं है।
इस आधार पर हमने चौगाछा उपजिले के चौगाछा हाट के बारे में गूगल सर्च किया तो पता चला कि यह बांग्लादेश में है। बांग्लादेश की सरकारी वेबसाइट पर इसके बारे में जानकारी देखी जा सकती है।
इसके बाद हमने चौगाछा उपजिले के चौगाछा हाट के बारे में बंगाली कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया। बांग्लादेश के यूट्यूब चैनल ‘Beautiful Videos BD’ पर 16 मार्च 2026 को एक वीडियो अपलोड है। यह वीडियो ईद-उल-फितर 2026 से पहले लगे चौगाछा पशु बाजार का है। इसके अनुसार, जशोर जिले में स्थित यह पशु बाजार हफ्ते में दो दिन शुक्रवार और सोमवार को खुलता है।
वायरल वीडियो और इस वीडियो में गाड़ी और उस पर बैठे व्यक्तियों में समानता देखी जा सकती है।

इस बारे में हमने चौगाछा हाट के व्यापारी जोनोगोनर बंधु से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि की कि यह वीडियो बांग्लादेश के चौगाछा बाजार का ही है।
इससे यह साबित हो गया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का, मार्च 2026 का है और एडिटेड है।
क्या है संदर्भ?
बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल की सरकार ने 13 मई 2026 को अधिसूचना जारी करते हुए दिशा-निर्देश दिए कि कोई भी शख्स किसी गोवंश का कटान तब तक नहीं करेगा, जब तक उसने पशु वध के लिए उपयुक्त होने का प्रमाणपत्र हासिल नहीं कर लिया हो। साथ ही, 14 वर्ष से कम आयु के गोवंश का कटान नहीं होगा। कटान के लिए उपयुक्त पशु का वध खुले स्थान पर नहीं, केवल नगरपालिका वधशाला या स्थानीय प्रशासन द्वारा चिह्नित किसी अन्य वधशाला में ही किया जा सकता है। कानून का उल्लंघन करने वालों को छह माह की जेल या एक हजार रुपये के जुर्माने की चेतावनी भी दी गई है।
‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की वेबसाइट पर 20 मई 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, बकरीद से पहले पशु कटान को लेकर भाजपा सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुसलमानों को सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि बकरीद में कुर्बानी के लिए गोवंश नहीं खरीदें। उन्होंने मुसलमानों को कुर्बानी के लिए गोवंश का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी। साथ ही लोगों से बीफ खाना बंद करने की बात भी कही और केंद्र सरकार से गाय को संरक्षित राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसका असर ग्वाला समुदाय पर पड़ेगा, जो त्यौहार के दौरान दूध नहीं देने वाले पशुओं को बेच देता है।
‘हिया और ‘ऑरिजिन एआई’ डिटेक्शन टूल्स से हमने वायरल वीडियो के ऑडियो को चेक किया, लेकिन इनमें एआई की संभावना नहीं दिखी।


वीडियो को एडिट करके गलत दावे से शेयर करने वाले एक्स यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। अगस्त 2025 में बने इस अकाउंट का चार बार यूजरनेम बदल चुका है। यूजर के 10 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: बांग्लादेश के पशु बाजार का एक पुराना और एडिटेड वीडियो वायरल कर बंगाल में बकरीद से पहले गोवंश की कुर्बानी से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले भाजपा सरकार की पशु कटान को लेकर लगाई गई पाबंदियों के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुसलमानों को कुर्बानी के लिए गोवंश नहीं खरीदने की सलाह दी है।
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