नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित महालक्ष्मी मंदिर से जोड़कर एक वीडियो सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोग दो युवकों को पीटते हुए दिख रहे हैं। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में मुसलमानों ने श्रद्धालुओं पर मांस फेंका, जिसके बाद पुजारियों ने उनकी पिटाई कर दी।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर में करीब दो माह पहले हुई मारपीट का वीडियो महालक्ष्मी मंदिर का बताकर झूठा सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है। दरअसल, इस मंदिर में मार्च 2026 में कुछ युवकों से गुलाल से भरा नारियल का खोल पुजारी पर गिर गया था, जिसके बाद वहां मारपीट हो गई थी। उस घटना के वीडियो को गलत सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘नीतीश कुमार’ ने 26 मई 2026 को वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर में मुस्लिमों ने श्रद्धालुओं पर मांस फेंककर “अल्लाहु अकबर” के नारे लगाए..। लगभग 20 पुजारियों ने मुस्लिमों पर नारियल फेंकते हुए जोरदार कुटाई करके मुंहतोड़ जवाब दिया..!!”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। ‘आजतक’ की वेबसाइट पर 23 मार्च 2026 को इस मामले से संबंधित एक वीडियो न्यूज अपलोड हुई थी। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर का है, जहां 15-20 पुजारियों ने श्रद्धालुओं को पीट दिया। दरअसल, मंदिर में कुछ युवकों ने गुलाल उड़ाकर और नारियल फेंककर अन्य श्रद्धालुओं को परेशान किया था। इसके बाद पुजारियों और युवकों में मारपीट हो गई थी।

‘एनडीटीवी’ की वेबसाइट पर भी 23 मार्च 2026 को इस घटना से संबंधित खबर को देखा जा सकता है। इसमें भी वायरल क्लिप है। खबर के अनुसार, मामला कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर का है, जहां दो श्रद्धालुओं को पुजारियों ने पीट दिया था। इसमें कहीं भी कोई सांप्रदायिक आरोप नहीं लगाया गया है।

‘न्यूज 18 मराठी’ की वेबसाइट पर 22 मार्च 2026 को छपी खबर में भी इस घटना को ज्योतिबा मंदिर में श्रद्धालुओं और पुजारियों में हुई मारपीट का बताया गया है।

क्या है संदर्भ?
इस मामले में कोडोली थाने में 23 मार्च 2026 को पुलिसकर्मी ने ही केस दर्ज कराया था। इसके अनुसार, घटना 22 मार्च 2026 की है। कुछ ग्रामीण अपने गांव की धार्मिक छड़ी को उत्सव के दौरान पूजा के लिए ज्योतिबा मंदिर लाए थे। जब वे मंदिर परिसर के अंदर नाच रहे थे, तभी उनके समूह के कुछ युवकों ने कालभैरव मंदिर के पुजारी पर गुलाल से भरा नारियल का खोल फेंक दिया। इसके बाद युवकों और पुजारियों में मारपीट हो गई । इसमें किसी भी मुस्लिम युवक का नाम नहीं है और न ही इस तरह की किसी वायरल घटना का जिक्र है। एफआईआर को यहां देखा जा सकता है।
इस बारे में हमने कोडोली पुलिस थाने के प्रभारी चेतन मसुतेज से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो पुराना है और इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था।
महाराष्ट्र पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, कोल्हापुर में ज्योतिबा और महालक्ष्मी मंदिर अलग-अलग हैं।
वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक राजनीतिक दल से जुड़े फेसबुक यूजर बिहार के सिलाओ के रहने वाले हैं और उनके नौ हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर में करीब दो माह पहले गुलाल से भरा नारियल का खोल फेंकने पर श्रद्धालुओं और पुजारियों में मारपीट हो गई थी। इस मामले के वीडियो को महालक्ष्मी मंदिर का बताकर गलत सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
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