नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पंजाब के होशियारपुर में 5 साल के बच्चे की हत्या के बाद वहां के लोगों में प्रवासियों के खिलाफ नाराजगी है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प को देखा जा सकता है, जबकि दूसरे में भीड़ दिख रही है। दोनों वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पंजाब के होशियारपुर और जालंधर से यूपी और बिहार के लोगों को भगाया जा रहा है।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वायरल वीडियो में पहला इंडोनेशिया का है, जबकि दूसरा करीब डेढ़ माह से इंटरनेट पर मौजूद हैं। दोनों वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। जालंधर और होशियरपुर में इस तरह का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा है कि वे सुरक्षा देने के लिए तैयार हैं।
वायरल पोस्ट
इंस्टाग्राम यूजर b_r_a_n_d_e_d_k_a_m_n_a ने 17 सितंबर को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “सारे बिहारी को भगा रहा है पंजाबी, होशियार पुर पंजाब का सीन है“
वीडियो पर पंजाबी में ‘नेपाल’ लिखा हुआ है।

एक अन्य यूजर its_saroj_9588 ने भीड़ का वीडियो को जालंधर का बताते हुए पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया और लिखा, “पंजाब वाले यूपी बिहार वालों को भगा रहे है..“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने दोनों वीडियो को एक-एक करके चेक किया।
पहला वीडियो
पहले वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प को दिखाया गया है। इसमें पुलिस की शील्ड पर POLISI लिखा हुआ है। इससे पता चलता है कि यह पंजाब पुलिस तो नहीं है।

इसके बाद हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। यूट्यूब चैनल Vlog Jabar पर हमें वायरल वीडियो मिला। इसे 4 सितंबर को अपलोड किया गया है। इसमें इसे इंडोनेशिया का बताया गया है।
यूट्यूब चैनल @mou-o3c पर इसी घटना का वीडियो दूसरे एंगल से 2 सितंबर को अपलोड किया गया है। इसके अनुसार, प्रदर्शन उग्र होने के बाद जनता और पुलिस में झड़प हुई। यूजर ने खुद को इंडोनेशिया से जुड़ा हुआ बताया है।
फेसबुक यूजर Fuji Pangandro ने 1 सितंबर को वायरल क्लिप का बड़ा वर्जन पोस्ट कर इसे टेरनाटे, इंडोनेशिया का बताया।

हिन्दुस्तान टाइम्स में 1 सितंबर को छपी खबर के अनुसार, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में सांसदों के आवास भत्ते न्यूनतम वेतन से लगभग 10 गुना अधिक होने को लेकर पिछले हफ्ते विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। उपद्रव में छह लोगों की मौत हो गई थी।

खबर में अपलोड तस्वीर में सुरक्षाबलों के हाथ में POLISI लिखी शील्ड देखी जा सकती है। इसके कैप्शन में लिखा है, “31 अगस्त को इंडोनेशिया के जकार्ता में संसद के बाहर सांसदों को दिए जाने वाले अत्यधिक भत्तों के खिलाफ एक प्रदर्शनकारी द्वारा पुलिस अधिकारियों पर पत्थर फेंकने पर पुलिस अधिकारी दंगारोधी ढालों से खुद को ढक लेते हैं।”
इस बारे में हमने होशियारपुर में दैनिक जागरण के रिपोर्टर हजारी लाल यादव सं संपर्क किया। उनका कहना है कि होशियारपुर में इस तरह की घटना प्रकाश में के बाद पंजाब में लोगों ने नाराजगी जताई थी, लेकिन किसी भी प्रवासी को भगाने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
इससे साबित होता है कि इंडोनेशिया के वीडियो को पंजाब का बताकर गलत दावा वायरल किया जा रहा है।
वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। यूजर ने प्रवासियों को पंजाब से भगाए जाने के दावे से कुछ और वीडियो पोस्ट किए हैं।
दूसरा वीडियो
दूसरे वीडियो का भी स्क्रीनशॉट निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। इंस्टाग्राम यूजर jalandhar_foodexpress ने 12 अगस्त को एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें शुरुआत में ही वायरल वीडियो का एक हिस्सा देखा जा सकता है। इसे सेल से जोड़ दिया गया है।

वीडियो में Manjit Attachi Studio का बोर्ड दिख रहा है। इस आधार पर हमने गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया। इसमें दिख रही लोकेशन और वायरल वीडियो में दिख रही लोकेशन एकसी लग रही है।

इससे यह तो तय है कि वायरल वीडियो क्लिप जालंधर से है, लेकिन यह एक करीब डेढ़ माह से इंटरनेट पर मौजूद है। हालांकि, हमे इसकी सटीक तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
इस बारे में हमने जालंधर में दैनिक जागरण के रिपोर्टर दिनेश शर्मा से संपर्क किया। उनका कहना है कि जालंधर में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। यहां सब अपना-अपना काम कर रहे हैं। कुछ लोगों ने घटना के विरोध में रैली जरूर निकाली थी, लेकिन किसी को भगाने जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
10 सितंबर को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबिक, होशियारपुर में पांच साल के बच्चे का अपहरण करके हत्या कर दी गई। आरोपी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। कुकर्म की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

न्यूज 18 की वेबसाइट पर 19 सितंबर को छपी खबर के अनुसार, बच्चे की हत्या के बाद पंजाब के कई जिलों में यूपी और बिहार के मजदूरों को लेकर तनाव हो गया है। होशियारपुर के करीब 20 सरपंचों ने कहा है कि वे बाहर से आए लोगों को निवास प्रमाण पत्र नहीं देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ किया है कि पंजाब हमेशा से मेहनतकश लोगों की सरजमीं रही है और वे सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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