नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लद्दाख में 24 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की है और इस बीच सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. एस जी सिंह जामवाल और लेह के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) गुलाम मोहम्मद के दो अलग-अलग वीडियो वायरल हो रहे हैं। जामवाल के वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी बिना किसी सबूत के आधार पर भारत के रक्षा मंत्री के कहने पर हुई और वह इसके लिए माफी मांगते हैं। वहीं, एडीसी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का आदेश उन्हें गृह मंत्रालय से मिला था।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में दोनों ही दावों को फेक पाया और इसके साथ वायरल हो रहा डीजीपी और एडीसी का वीडियो डीपफेक है। एआई क्रिएटेड ऑडियो क्लोन की मदद से फेक बयान को उनके मूल वीडियो में जोड़कर फेक दावा किया जा रहा है।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘इंजीनियर आदिवासी बालु भील’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “अगर पर्यावरण वैज्ञानिक सोनम वांगचुक जो लद्दाख के हक के लिए शांति पूर्ण धरने की मांग कर रहे है उन्हें षड्यंत्र के तहत भारतीय रक्षा विभाग के दबाव में आकर उन्हें जबरन गिरफ्तार किया गया जबकि पुलिस विभाग के सबसे बड़े अधिकारी अतिरिक्त पुलिस महानिर्देशक (ADGP) Dr SD sing ने स्वयं सोनम वांगचुक को बेगुनाह बताया है तो फिर क्यों पुलिस और शासन प्रशासन सोनम वांगचुक पर अत्याचार कर रहे है।”

वहीं, अन्य यूजर ने वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “#लेह_लद्दाख : पुलिस ने नहीं बनाया था सोनम वांगचुक बिन वजह गिरफ्तार करने का मन अमित_शाह के दफ्तर से निकले थे सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के ऑर्डर। क्या 24 घंटे में ही देश का नाम रोशन करने वाला सोनम वांगचुक देशद्रोही बन गया..? सारे सबूत होने के बावजूद भी सीबीआई आखिर क्या जांच कर रही है..? #सोनम_वांगचुक देशद्रोही है क्या उसका सबूत यू ट्यूब से देंगे लद्दाख #डीजीपी सोनम वांगचुक के खिलाफ लद्दाख के पुलिस अधिकारियों ने नहीं बनाई थी कि उन्हें बेवजह गिरफ्तार किया जाए केवल मनमानी के तौर पर सोनम वांगचुक गिरफ्तार।”

पड़ताल
पहला वीडियो लद्दाख के डीजीपी डॉ. एस डी सिंह का है, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “हम जानते हैं कि लद्दाख के लोगों को उनका हक नहीं दिया गया। हमें सोनम वांगचुक के खिलाफ सबूत नहीं मिले और ये सारे का सारा जो कांड हुआ, वह भारतीय रक्षा मंत्री की वजह से हमें करना पड़ा, जिस पर हम कश्मीरवासियों से क्षमा चाहते हैं।”
इसकी जांच के लिए हमने न्यूज सर्च के आधार पर लद्दाख के डीजीपी के ऑरिजिनल वीडियो को सर्च किया। सर्च में हमें जम्मू लिंक न्यूज यू-ट्यूब चैनल पर मिला, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि सोनम वांगचुक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थे।
कई अन्य रिपोर्ट्स में उनके इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो मौजूद है, जिसमें वह सोनम वांगचुक पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में होने का आरोप लगा रहे हैं।
लद्दाख डीजीपी के प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमें कहीं यह बयान नहीं मिला, जिसमें उन्होंने कहा हो कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का कोई सबूत नहीं मिला।
एआई टूल्स की आसान उपलब्धता की वजह से किसी वीडियो में ऑडियो क्लोन को जोड़ना आसान हो गया है। इस आधार पर वायरल ऑडियो के डीपफेक होने का संदेह पैदा होता है। इसलिए हमने इस ऑडियो को डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक किया।
बफलो यूनिवर्सिटी के डीपफेक-ओ-मीटर की मदद से हमने इस मल्टीमीडिया को चेक किया और इसके लगभग सभी इंडिकेटर्स ने इस वीडियो में एआई छेड़छाड़ की अधिकतम संभावना की पुष्टि की।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी एमसीए की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ हाइव एआई डीपफेक डिटेक्टर टूल की एनालिसिस को शेयर किया, जिसके मुताबिक, इस वीडियो में कई जगह पर एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि होती है।

वहीं, हिया टूल की ऑडियो एनालिसिस इस वीडियो में इस्तेमाल ऑडियो के एआई क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि करता है।

दूसरा वायरल वीडियो
इसके बाद हमने लेह के एडीसी गुलाम मोहम्मद वाले मल्टीमीडिया को चेक किया, जिसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, “कि सब जानते हैं कि कल जो अनफॉर्च्यूनेट हादसा जो लेह में हुआ, उसमें टोटल 90 पर्सन (व्यक्ति) डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में एडमिट हुआ था। जिसमें चार जो हैं, उनका डेथ हुआ था।” इसके बाद वह कहते हैं, “मैं लद्दाख की जनता से विनती करता हूं कि हमें गृह मंत्रालय की तरफ सोनम वांगचुक को अरेस्ट करने का ऑर्डर मिला था। हमें अमित शाह जी के ऑफिस से खुद हुकुम हुआ था कि हमें सोनम वांगचुक पर पाकिस्तानी होने का इल्जाम लगाना है।”
सर्च में हमें एडीसी के प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऑरिजिनल वीडियो लेह-लद्दाख के सूचना और जनसंपर्क विभाग के फेसबुक पेज पर मिला, जो 25 सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस का है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमें कहीं भी वायरल वीडियो वाला बयान या उसका कोई भी अंश नहीं मिला। इस आधार पर वायरल वीडियो के डीपफेक होने का संदेह पैदा होता है। इसलिए हमने इस ऑडियो को डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक किया।
बफलो यूनिवर्सिटी के डीपफेक-ओ-मीटर की मदद से हमने इस मल्टीमीडिया को चेक किया और इसके लगभग सभी इंडिकेटर्स ने इस वीडियो में एआई छेड़छाड़ की अधिकतम संभावना की पुष्टि की।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी एमसीए की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ हाइव एआई डीपफेक डिटेक्टर टूल की एनालिसिस को शेयर किया, जिसके मुताबिक, इस वीडियो में कई जगह पर एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि होती है।
हिया टूल की एनालिसिस इस ऑडियो में कई जगह एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि करता है।

वहीं, स्विस डीपटेक कंपनी Aurigin.ai की एनालिसिस इस मल्टीमीडिया के ऑडियो ट्रैक के अधिकांश हिस्से के एआई क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि करता है।
गौरतलब है कि लद्दाख में हुई हिंसा में 24 सितंबर को पुलिस की फायरिंग में चार लोगों की मौत हुई थी। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया था। वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की है।
निष्कर्ष: लद्दाख में हुई हिंसा के बाद बिना किसी सबूत के सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का दावा करता पुलिस महानिदेशक का वीडियो डीपफेक है। साथ ही लेह के अतिरिक्त उपायुक्त गुलाम मोहम्मद का गृह मंत्रालय के सीधे आदेश पर वांगचुक की गिरफ्तारी का दावा करता वीडियो भी डीपफेक है। इन दोनों वीडियो में एआई क्रिएटेड ऑडियो क्लोन जोड़कर फेक दावा किया जा रहा है।
The post Fact Check: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर केंद्र को जिम्मेदार ठहराते लद्दाख DGP और लेह एडीसी का वीडियो डीपफेक appeared first on Vishvas News.

